झारखंड लोक सेवा आयोग की सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में शाब्दिक और भाषाई अशुद्धियों की भरमार है। इस वजह से इंटरनेट मीडिया पर जेपीएसी का मजाक उड़ाया जा रहा है।
ऐसा लग रहा है कि प्रश्न तैयार करनेवाले ने आंखें मूंदकर प्रश्नों को तैयार किया। प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद उसकी जांच भी नहीं की गई। प्रश्नपत्र में इतनी अशुद्धियां हैं कि शायद ही किसी परीक्षा में ऐसा हुआ हो।
प्रतियोगिता परीक्षा को तो छोड़ दें, स्कूल स्तर पर आयोजित होनेवाली परीक्षाओं के प्रश्नों में भी ऐसी अशुद्धियां नहीं रहतीं। हालत यह है कि एक प्रश्न में ”पुस्तक” तक को गलत लिखा गया। ”पुस्तक” की जगह ”पुस्तख” लिखा गया। प्रश्न तैयार करने में ऐसी-ऐसी अशुद्धियां हुईं, जितनी तीसरी और चौथी कक्षा के छात्र भी नहीं करते।
इतना ही नहीं, इस परीक्षा में सिदो-कान्हू को सिडो कान्हू लिखा गया। महापुरुष के नाम में भी गलती की गई। गठन को गढन, महत्वपूर्ण को महत्वपूर्न तथा धारणाओं को धरनाओं लिखा गया।
मानो आंख बंद कर बनाया गया हो प्रश्न पत्र
इसी तरह टिप्पणी को रिप्पणी, समुदाय को समुदाथ, बुद्धिमता को नुद्धिमता, निर्माण को निर्मान लिखा गया है। एक प्रश्न में चर्चा कीजिए की जगह चर्च कीजिए लिखा गया है। इतना ही नहीं, प्रश्नपत्र में दैनिक को दैनिस, कठाेर को कगेर लिखा गया है। लगभग सभी प्रश्नों में इसी तरह की कोई न कोई अशुद्धि है।
यह स्थिति उस आयोग की है जो सिविल सेवा परीक्षा के अलावा अन्य राजपत्रित पदों पर नियुक्ति के लिए प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करता है। यह परीक्षा छह अप्रैल को पहली पाली में आयोजित की गई थी।
इसमें चार अनिवार्य खंड थे, जिनमें सभी में कमोबेश अशुद्धियां हैं। आश्चचर्यजनक है कि प्रश्नपत्र में ऊपर दिए गए निर्देश में कोई अशुद्धि नहीं है। कुछ प्रश्नों को छोड़कर अंग्रेजी के प्रश्न में भी अशुद्धि नहीं है। लेकिन हिन्दी के प्रश्न में रिकार्ड अशुद्धियां हैं। सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र की गलतियां वायरल है।


