भाजपा स्थापना दिवस: 1996 में PM नरेंद्र मोदी ने जगाई थी हरियाणा में कार्यकर्ताओं में उम्मीद, याद किए संघर्ष के दिन

भाजपा सोमवार को अपना 46वां स्थापना दिवस मना रही है। ऐसे में हरियाणा में भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने वाले कार्यकर्ता और पदाधिकारियों को बीती बातें याद आ रही हैं। वे बात उस समय की कर रहे हैं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं हरियाणा प्रभारी का पद संभाल रहे थे। साल था 1996 और तारीख थी 21 दिसंबर।

भाजपा के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर बीजेपी के संस्थापक सदस्य व पूर्व जिला महामंत्री मूलचंद मित्तल और शेर सिंह भाटिया ने कहा, ‘मुझे आज भी वह 21 दिसंबर 1996 का दिन याद है, जब सेक्टर-सात के जन कल्याण मंदिर के हाल में पलवल एवं फरीदाबाद के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का अभ्यास वर्ग आयोजित किया गया था, जिसमें तब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं हरियाणा प्रभारी के रूप में नरेन्द्र मोदी ओजस्वी उद्बोधन सुनने को मिला था।’

इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा, ‘पार्टी के संस्थापक कार्यकर्ता के रूप में हम पहले से ही देश सेवा व राष्ट्रहित के काम में लगे हुए थे, पर नरेन्द्र मोदी के संबोधन से हम सभी में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। उसी का परिणाम है कि आज केंद्र के साथ-साथ हरियाणा में भी लगातार तीसरी बार कमल खिला और एक कार्यकर्ता ने सीएम पद को सुशोभित किया।’

दरअसल, छह अप्रैल काे भाजपा अपना 46वां स्थापना दिवस मना रही है। केंद्र और हरियाणा में लगातार तीसरी बार कमल खिला कर सत्ता के शीर्ष पर बैठी भारतीय जनता पार्टी की जब वर्ष 1980 में फिरोजशाह कोटला मैदान में स्थापना के अवसर पर हुई बड़ी जनसभा को अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, विजयराजे सिंधिया, मदन लाल खुराना, प्रो.विजय कुमार मल्होत्रा, केदारनाथ साहनी, शांताकुमार ने संबोधित किया था।

उसमें फरीदाबाद से एमसी मित्तल, शेर सिंह भाटिया, जगदीश गोयल, रतन लाल गर्ग, कुंदन लाल भाटिया, डा.आरडी बंसल, राधेश्याम शर्मा, बल्लभगढ़ से बलदेव राज शर्मा, पलवल से चंद्रभान गुप्ता, गंगा लाल गोयल, मूलचंद मंगला, होडल से ध्रुव चंद बंसल मौजूद थे। औद्याेगिक नगरी व पड़ोसी जिला पलवल के यह सभी ऐसे समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिनको पार्टी में नींव के पत्थर की उपमा दी जाती है। इन समर्पित कार्यकर्ताओं ने दरियां भी बिछाईं, कुर्सी भी लगाई, दो-दो रुपये का चंदा एकत्रित कर पार्टी कोष में भी योगदान दिया, कमल खिलाते चले गए।

एमसी मित्तल बताते हैं कि हम सबने उसी दिन से पार्टी का झंडा बुलंद किए रखा है और तब से लेकर अब तक पार्टी ने साढ़े चार दशक से अधिक का सफर पूरा किया है।

एमसी मित्तल ने की थी कार्रवाई की नोटिंग

एक बार फिर डायरी के पुराने पन्नों को पलटते हुए एमसी मित्तल ने 21 दिसंबर 1996 के उस दिन को याद किया, जब जन कल्याण मंदिर के हाल में हरियाणा प्रभारी के रूप में नरेन्द्र मोदी और संगठन मंत्री के रूप में मनोहर लाल कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने आए थे।

एमसी मित्तल के अनुसार, उसकी नोटिंग रजिस्टर में थी। उस समय नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि हमें पराक्रम की राजनीति करनी चाहिए, परिक्रमा की नहीं। सरकारी लोगों के पापों की जानकारी कार्यकर्ताओं को रखनी चाहिए और चंडीगढ़ की दौड़ लगाने का फैशन कांग्रेसी कल्चर का नमूना है, हमारा नहीं। परिभाषा बताते हुए कहा भाजपा का कार्यकर्ता कैसा होना चाहिए, उनके वचनों में कार्यकर्ता उसने कहिए, जो पीड़ पराई जाने रे।

एनआइटी सीट पर जब पहली बार खिला ‘कमल’

वर्ष 1987 में विधानसभा चुनाव में एनआइटी सीट जब लोकदल के साथ समझौते में भाजपा के खाते में आई थी, तब कुंदन लाल भाटिया ने जीत दर्ज कर जिले में भाजपा का खाता खोला था। उनके बाद उनके पुत्र चंदर भाटिया दाे बार विधायक बने।

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