शनिवार की देर रात आंधी-तूफान के चलते कांशीराम फीडर से जुड़े कोल्हुआ लकड़ा फीडर का 11 हजार वोल्ट का तार टूटकर गिर गया, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। फाल्ट ठीक करने के दौरान मरवटिया गांव निवासी बिजली कर्मी अन्तराम की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई।
कोतवाली क्षेत्र के मरवटिया गांव निवासी 45 वर्षीय अन्तराम पुत्र रामदास बगहिया फीडर पर संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत थे। शनिवार की रात करीब 10:30 बजे वह फाल्ट ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़े थे। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट प्रवाहित हो गया, जिससे वह उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
एसडीओ अनंत कुमार ने बताया कि तेज हवा के कारण कांशीराम फीडर का तार टूटकर कोल्हुआ लकड़ा फीडर पर गिर गया था, जिससे ठीक करते समय यह हादसा हो गया।
स्वजन ने तीन घंटे तक जिला अस्पताल में किया हंगामा
घटना की सूचना पाते ही स्वजन जिला अस्पताल पहुंच गए और विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। परिजनों का कहना था कि फाल्ट ठीक करते समय लाइन कैसे चालू रही, जबकि इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई थी। उन्होंने मृतक के बेटे को संविदा पर नौकरी और त्वरित आर्थिक सहायता की मांग की।
अधिकारियों ने दी डेढ़ लाख की सहायता
सूचना पर अधिशासी अभियंता राजेश कुमार प्रजापति, एसडीओ अनंत कुमार, अवर अभियंता अमित कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को 1.50 लाख रुपये की त्वरित आर्थिक सहायता दी और विभागीय नियमानुसार अन्य सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही बीमा राशि दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए शव सौंपने को तैयार हुए।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ी
घटना की जांच के दौरान जो प्राथमिक जानकारी सामने आई है उसके अनुसार लाइन ठीक करते समय मृतक ने सुरक्षा उपकरणों जैसे हेलमेट, ग्लव्स और सेफ्टी बेल्ट का उपयोग नहीं किया था। विभाग द्वारा ये उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। काम करते समय यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो संभवतः यह हादसा टल सकता था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

