भारत ने पुराने हितैषी देश ईरान का संकट में साथ छोड़ दिया : अफजाल अंसारी

सपा सांसद अफजाल अंसारी ने एक बार फिर ईरान पर किए जा रहे हमले को लेकर न सिर्फ इजरायल व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को अत्याचारी कहा है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। एक बयान में सांसद ने कहा कि अमेरिका व इजरायल ने ईरान पर युद्ध थोपा है। पहले उसे धमकी दी फिर आक्रमण किया।

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनई बड़े जिगर वाले इंसान थे। उन्हें धमकाया गया लेकिन उन्होंने राष्ट्र हित के विपरित समझौता को ठुकरा दिया। राष्ट्र के लिए ही अली ख़ामेनेई ने समझौता नहीं किया। दोनों देश अत्याचारी हैं। कहा कि अमेरिका-इजरायल के हमले में 160 से अधिक मासूम बच्चियां मर गईं।

बावजूद इसके ईरान ने दोनों देशों को लोहे का चना चबवा दिया है। ईरान ने घुटना नहीं टेका और वहां के लोग इस कठिन समय में मुकाबला कर रहे हैं। यह उनकी बहादुरी है।

कहा कि मरने के बाद भी अली खामनेई हमेशा बहादुरी के लिए जिंदा रहेंगे। उन्होंने जालिम ताकतों का मुकाबला किया। एक अकेला देश 14 मुल्कों के साथ लड़ रहा है। कहा कि ईरान भारत का प्राचीन मित्र था। कश्मीर के सवाल पर ईरान ने पाकिस्तान नहीं भारत का साथ दिया था। आज हम सच्चे व हमदर्द देश को संकट में साथ छोड़ दिए हैं।

कहा क‍ि दस से 12 दिन के बाद भारत सरकार चेती है। अब शोक संदेश भेज रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हजारों भारतीयों को हथकड़ी पहनाकर देश भेज दिया। आपरेशन सिंदूर में भी ट्रंप ने हस्तक्षेप किया। ट्रंप ने पहले ही सीज फायर की घोषणा की। बाद में हमनें स्वीकार किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पग-पग पर देश को अपमानित किया।

इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने भी अमेरिका के मना करने के बाद भी परमाणु परीक्षण कर अपना साहस दिखाया था। कहा कि पीएम मोदी इजरायल को फादर लैंड बता रहे हैं, यह कैसे हो सकता है। इसे हम कभी स्वीकार नहीं कर सकते हैं। भारत ने तो सभी को राह दिखाई है।

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