कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में अगस्त 2024 में हुई ट्रेनी डॉक्टर की बलात्कार और हत्या की घटना अब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तीखी राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है।
पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ भाजपा की ओर से पानीहाटी सीट से उम्मीदवार हैं, एक प्रचार वीडियो में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बेहद आक्रामक बयान देती सुनाई दी हैं।
सीएम को पीटने की धमकी
शनिवार देर शाम उत्तर कोलकाता के सोदेपुर इलाके में एक जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान रत्ना देबनाथ ने कहा कि जिस तरह मेरी बेटी को बाल खींचकर घसीटते हुए पीट-पीटकर मार डाला गया, उसी तरह मैं भी ममता बनर्जी बालों से पकड़कर घुमाऊंगी। अगर मैं सीएम से मिली तो या तो उन्हें जेल में डालूंगी या नाली में फेंककर पीटूंगी।
उन्होंने आगे कहा कि वे मुख्य रूप से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ लड़ रही हैं, क्योंकि उनकी बेटी की हत्या सरकारी अस्पताल में हुई और वे राज्य के मेडिकल कॉलेजों में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण मारी गईं।
टीएमसी ने क्या कहा?
टीएमसी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर इन टिप्पणियों को लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक शिष्टाचार के लिए गंभीर खतरा बताया।
उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे बयान चुनावी माहौल को खराब कर सकते हैं और पार्टी ने कानूनी तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। टीएमसी ने चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।
पीड़िता की मां ने लगाई आरोप
रत्ना देबनाथ ने पानीहाटी के वर्तमान टीएमसी विधायक निर्मल घोष पर अपनी बेटी के मामले में सबूत मिटाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि निर्मल घोष के बेटे तीर्थकर घोष को टीएमसी ने जानबूझकर मैदान में उतारा है ताकि अपराध पर पर्दा डाला जा सके।
भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस विवाद ने चुनावी बहस को और तेज कर दिया है।


