ऊना-रानीताल फोरलेन: 15 KM तक कम होगी दूरी, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की तैयारी, PMC संभालेगी कार्य

 हिमाचल प्रदेश में एक और फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। ऊना के मैहतपुर से रानीताल राष्ट्रीय राजमार्ग 503 पर प्रस्तावित फोरलेन का काम पीएमसी को सौंपने की तैयारी चल रही है। इसके बाद पीएमसी यानी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी प्रस्तावित परियोजना की लागत का अनुमान लगाने के लिए तीन डीपीआर तैयार करेगी। फोरलेन निर्माण से दूरी 15 किलोमीटर कम होगी।

तीनों डीपीआर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजी जाएंगी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद अगला कार्य शुरू होगा। लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग ने 24 मार्च को यह राजमार्ग एनएचएआइ (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को सौंप दिया है। 2009 में इस मार्ग के राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बाद से इसकी जिम्मेदारी एनएच विंग के हवाले ही थी।

बताया जा रहा है कि एनएच विंग इस मार्ग पर फोरलेन के लिए सर्वेक्षण पहले ही कर चुका है। अब पीएमसी इसकी डीपीआर तैयार करेगी। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अगली कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

कम हो जाएगी दूरी

बताया जा रहा है कि ऊना से कांगड़ा के रानीताल की दूरी घटकर करीब 80 से 85 किलोमीटर रह जाएगी। इसकी दूरी 15 किलोमीटर घटेगी। हालांकि, यह सब केंद्र से सर्वेक्षण को मंजूरी मिलने के बाद ही पता चलेगा। एनएचएआइ के प्राजेक्ट मैनेजर भूपिंदर सिंह का कहना है कि उम्मीद है कि अगले माह पीएमसी को काम सौंप दिया जाएगा।

शुरू होगी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया

अब प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी (पीएमसी) प्रस्तावित फोरलेन की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करेगी। पीएमसी को काम सौंपने के लिए टेंडर निकालने की तैयारी चल रही है। माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाते हुए भूमि अधिग्रहणर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रदेश सरकार का राजस्व विभाग इसमें सहयोग करेगा। भूमि पैमाइश से लेकर उसके मूल्य के निर्धारण का कार्य राजस्व विभाग के जिम्मे होगा।

परिस्थितियों पर निर्भर करेगी चौड़ाई

टू लेन सड़क की चौड़ाई 22.5 मीटर और फोरलेन की चौड़ाई 45 मीटर होती है। डिवाइडर और सर्विस रोड इसी में शामिल रहते हैं। लेकिन इस मार्ग की चौड़ाई कितनी रहेगी, यह यहां की भौगोलिक परिस्थितियों, सड़क के लिए इस्तेमाल होने वाली जमीन की मिट्टी की किस्म समेत कई तथ्यों पर निर्भर करेगा। ऐसे में विभिन्न स्थानों पर इसकी चौड़ाई में जरूरत के हिसाब से बदलाव भी हो सकता है। यह भी संभव है कि कुछ स्थानों पर फोरलेन के स्थान पर टू लेन ही रहे।

तीन साल से पंचायत घर में है बलिदानी की प्रतिमा

एनएच 503 पर नैहरनपुखर चौक पर तीन साल बाद भी बलिदानी की प्रतिमा न लगने से लोगों में नाराजगी है। नवंबर 2022 में चौक के विस्तार के समय एनएच विभाग ने यहां सड़क किनारे लगी बलिदानी कर्नल मेहर दास की प्रतिमा हटा दी थी। उस समय कहा गया था कि इसे चौक के बीच में स्थापित किया जाएगा। लेकिन,  तीन साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी ऐसा नहीं हो पाया है। प्रतिमा को बढहूं पंचायत घर में रखा गया है।

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