क्या आप काम में इतने बिजी हो जाते हैं कि यूरिन के प्रेशर को नजरअंदाज कर देते हैं? अगर आप अक्सर ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाइए। न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन का कहना है कि जब आप यूरिन को रोककर रखते हैं, तो वह आपके ब्लैडर में जमा होता रहता है। यह तब तक इकट्ठा होता है जब तक ब्लैडर एक असहज सीमा तक खिंच नहीं जाता। आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं कि यह आदत आपके शरीर को किस तरह से नुकसान पहुंचा सकती है।
मांसपेशियां हो जाती हैं कमजोर
शरीर का यह नियम है कि अगर किसी मांसपेशी को लंबे समय तक ज्यादा खींचा जाए, तो वह अपनी स्ट्रेंथ और टोनिंग खो देती है। पेशाब रोकने से ब्लैडर की मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं। एक कमजोर ब्लैडर दबाव को झेल नहीं पाता। इसका नतीजा यह होता है कि जोर से हंसने, खांसने या छींकने पर भी पेशाब लीक हो सकता है।
बैक्टीरिया पनपने का खतरा
जब ब्लैडर ज्यादा खिंच जाता है, तो उसकी ‘निचोड़ने’ की शक्ति कम हो जाती है। इसके कारण जब आप वॉशरूम जाते हैं, तो ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता और थोड़ा यूरिन अंदर ही रह जाता है। शरीर के अंदर बचा हुआ यह यूरिन बैक्टीरिया के पनपने के लिए एक आदर्श जगह बन जाता है, जिससे इन्फेक्शन हो सकता है।
किडनी स्टोन की समस्या
जब यूरिन लंबे समय तक शरीर के अंदर रहता है, तो वह गाढ़ा होने लगता है। इसके कारण यूरिन में मौजूद मिनरल्स एक जगह जमा होने लगते हैं। यही जमाव आगे चलकर किडनी स्टोन का खतरा बढ़ा देता है।


