ऐसा माना जाता है कि हनुमान जन्मोत्सव के दिन पूरे सच्चे मन से पवनपुत्र हनुमान की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और मन को एक अद्भुत शक्ति मिलती है।
अगर आप दिल्ली में हैं और इस खास मौके पर बजरंगबली का आशीर्वाद लेना चाहते हैं, तो देश की राजधानी के इन 5 चमत्कारी मंदिरों (Hanuman Temples in Delhi) के दर्शन जरूर करें। यहां का माहौल आपको एक अलग ही आध्यात्मिक दुनिया में ले जाएगा।
प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस
दिल्ली के दिल यानी कनॉट प्लेस में स्थित यह मंदिर महाभारत काल का माना जाता है। कहा जाता है कि इस मंदिर की स्थापना खुद पांडवों ने की थी। यहां हनुमान जी की मूर्ति स्वयंभू है, यानी यह अपने आप प्रकट हुई थी। हनुमान जन्मोत्सव के दिन यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और पूरा मंदिर ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठता है। यहां माथा टेकने से मन की सारी उलझनें दूर हो जाती हैं।
संकट मोचन धाम, करोल बाग
अगर आप दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से गुजरे हैं, तो आपने झंडेवालान और करोल बाग के बीच हनुमान जी की वह विशाल और भव्य मूर्ति जरूर देखी होगी। 108 फुट ऊंची इस मूर्ति वाला यह मंदिर पूरे भारत में मशहूर है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आरती के समय हनुमान जी की छाती के कपाट खुलते हैं और अंदर भगवान राम और माता सीता के दर्शन होते हैं। यह नजारा सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला होता है।
मरघट वाले बाबा का मंदिर, कश्मीरी गेट
कश्मीरी गेट के पास स्थित ‘मरघट वाले बाबा’ का मंदिर दिल्ली के सबसे सिद्ध मंदिरों में से एक है। मान्यताओं के अनुसार, जब हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर जा रहे थे, तो उन्होंने यहां विश्राम किया था। पहले यहां श्मशान घाट हुआ करता था, इसीलिए इन्हें ‘मरघट वाले बाबा’ कहा जाता है। यहां दर्शन करने से हर तरह के डर और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिल जाती है।
दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, आरके पुरम
वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में दक्षिण मुखी हनुमान जी की पूजा का बहुत बड़ा महत्व है। आरके पुरम सेक्टर 8 में स्थित इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति का मुख दक्षिण दिशा की ओर है। मान्यता है कि जो भी भक्त यहां आकर 40 दिन तक लगातार दर्शन करता है या चोला चढ़ाता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। हनुमान जन्मोत्सव पर यहां की सजावट और आरती देखने लायक होती है।
श्री हनुमान बालाजी मंदिर, पंजाबी बाग
अगर आप शांति और भव्यता एक साथ महसूस करना चाहते हैं, तो पंजाबी बाग का बालाजी मंदिर एक बेहतरीन जगह है। इस मंदिर का आर्किटेक्चर बहुत ही खूबसूरत है और यहां राजस्थान के सालासर बालाजी और मेहंदीपुर बालाजी की तरह ही पूजा की जाती है। यहां बैठकर कुछ देर हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन को जो सुकून मिलता है, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।


