यह साबित करना अनिवार्य है। हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु संक्रमण के 30 दिनों के भीतर होती है और मृत्यु प्रमाण पत्र में कोविड को कारण बताया गया तो कुछ मामलों में टेस्ट रिपोर्ट के बिना भी मुआवजा दिया जा सकता है। इस मामले में अदालत ने पाया कि याची कोई ऐसा दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिससे यह साबित हो सके कि उसकी पत्नी की मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई।