गोरखपुर में रसोई गैस सिलिंडर की कमी नहीं, बुकिंग के बाद न मिलने पर होगी FIR

रसोई गैस के कनेक्शनधारी ग्राहकों को सिलिंडर की कोई दिक्कत नहीं है। तेल कंपनियों के नियमों के तहत इन ग्राहकों को बुकिंग के बाद डिजिटल अथेंटिकेशन कोड (डीएसी) के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी एजेंसियों को निर्देश हैं कि सिलिंडर की हर हाल में होम डिलीवरी करें लेकिन जिनकी बुकिंग है और डीएसी कोड आ गया है, वह भी यदि गोदाम पर पहुंच रहे हैं तो सिलिंडर दिया जा रहा है।

बुकिंग के बाद भी सिलिंडर नहीं दिया गया तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ आपूर्ति विभाग एफआइआर दर्ज कराएगा। यह कहना है जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह का। वह दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘जागरण विमर्श’ में ‘डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस संकट: चुनौतियां और प्रबंधन’ विषय पर आपूर्ति विभाग की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दे रहे थे।

कहा कि रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आयी है। दिक्कत यह हुई कि लोगों ने पैनिक बुकिंग बढ़ा दी। इससे तेल कंपनियों का सर्वर डाउन हो गया। सर्वर डाउन होने के कारण बुकिंग और डीएसी मिलने में विलंब के कारण लोग परेशान होने लगे। जो लोग महीनों से सिलिंडर नहीं ले रहे थे, उन लोगों ने भी बुकिंग करानी शुरू कर दी।

आलम यह रहा कि जिन एजेंसियों पर रोजाना 60 से 70 ग्राहक सिलिंडर के लिए बुकिंग करा रहे थे वहां अब तीन सौ से ज्यादा ग्राहक बुकिंग करा रहे हैं। बुकिंग के बाद ग्राहक गोदाम पर लाइन लगाने लगे। ऐसी स्थिति को देखकर अन्य लोगों ने भी मानना शुरू कर दिया कि रसोई गैस का संकट बढ़ रहा है। अब जब डीएसी के आधार पर सिलिंडर का वितरण शुरू कराया जा चुका है तो लोगों में फैल रही अफवाह पर विराम लगने लगा है।

ग्राहकों को लगता था कि डीएसी कोड बताने से कहीं साइबर ठगों के चंगुल में न फंस जाएं लेकिन अब जागरूकता बढ़ने से इस शंका का भी पूरी तरह समाधान हो चुका है। एजेंसियों को 95 प्रतिशत ग्राहकों को डीएसी के आधार पर ही सिलिंडर देना है। यदि उन्होंने डीएसी लिए बिना सिलिंडर दिया तो इस सिलिंडर को वितरित नहीं माना जाएगा। इस आधार पर एजेंसी के पास सिलिंडर का स्टाक दिखता रहेगा।

 

वाट्सएप ग्रुप बनाकर तत्काल करते रहे निराकरण
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि रसोई गैस संकट को देखते जुए जिलाधिकारी दीपक मीणा के मार्गदर्शन में वाट्सएप ग्रुप बनाया गया। इस ग्रुप में जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग, तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ ही गैस एजेंसियों के संचालकों को शामिल किया गया। जिस ग्राहक ने फोन किया या वाट्सएप पर अपनी समस्या बताई तो उसे ग्रुप में डालकर तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए। इसका लाभ यह हुआ कि ग्राहकों की समस्या तेजी से दूर होने लगी।

लाइन न लगाएं, घर पर जाएगा सिलिंडर
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने ग्राहकों से अपील की कि वह बुकिंग के बाद गोदाम पर सिलिंडर लेकर लाइन न लगाएं। इससे होम डिलीवरी में व्यवधान आ रहा है। फिर भी ग्राहकों की सहूलियत के लिए निर्देश दिए गए हैं कि यदि बुकिंग और डीएसी के साथ ग्राहक गोदाम पर आ रहे हैं तो उन्हें सिलिंडर दे दिया जाए।

तीन गुणा बढ़ा दी गई आपूर्ति
डीएसओ ने बताया कि मांग और आपूर्ति में अंतर कम करने के लिए एजेंसियों को पहले की तुलना में तीन गुणा ज्यादा सिलिंडर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सिलिंडर की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है।

अचानक तेल खत्म होने की अफवाह से सभी थे हैरान
जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि जब पेट्रोल व डीजल खत्म होने की अफवाह फैली तो सभी हैरान थे क्योंकि डिपो में कोई संकट नहीं था। इसके बाद रात तीन बजे तक सभी तेल कंपनियों के अधिकारियों से संपर्क कर डिपो से सभी पेट्रोल पंपों पर तेल मंगाया गया। लोगों ने इतना ज्यादा तेल खरीदना शुरू कर दिया कि तेल आते ही बिक जा रहा था। इसके बाद भी लगातार टैंकरों से तेल मंगाया गया और कुछ ही घंटे बाद पंपों पर सन्नाटा होने लगा।

उद्यगों को तेल देने में कोई रोक नहीं
जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उद्योगों को तेल देने पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। बस व्यवस्था यह बनाई गई है कि कोई तेल का स्टाक कर दुरुपयोग न करे। इसके लिए उद्यमियों को लेट पैड पर अपनी जरूरत के अनुसार तेल की मात्रा का जिक्र करते हुए मांग करनी है। इससे अनुमोदित कराकर संबंधित पंप से तेल दिलाया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *