US–Israel-Iran War पर माले महासचिव ने मोदी सरकार को घेरा, बोले-LPG महंगाई से उद्योग-होटल प्रभावित

Dipankar Bhattacharya Slams US War Policy, Demands Safe Return of Indian Workers: CPI (ML) के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य Dipankar Bhattacharya ने कहा है कि अमेरिका एवं इजरायल द्वारा ईरान पर थोपा गया युद्ध लगभग एक महीने का होने वाला है। अमेरिका के राष्ट्रपति की युद्ध नीति और साम्राज्यवादी नीतियों का विरोध उनके ही देश सहित अन्य देशों के करीब 80 लाख लोग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गलत विदेश नीति के कारण लगभग एक करोड़ Indian migrant workers crisis भारतीय मजदूर युद्धग्रस्त देशों में फंसे हुए हैं। भारत सरकार को प्रवासी मजदूरों को सिर्फ पैसा कमाने की मशीन न समझकर, उन्हें इंसान मानते हुए सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए।

भट्टाचार्य सोमवार को धनबाद के निरसा में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। वे यहां झारखंड राज्य भाकपा माले कमेटी की बैठक में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान US Israel Iran conflict के बीच चल रहे युद्ध के कारण रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि LPG price rise impact हुई है, जिससे छोटे कल-कारखाने और होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा-प्रधानमंत्री का कहना है कि कोरोना काल की तरह हमें इस स्थिति का भी सामना करना होगा, लेकिन सच्चाई यह है कि कोरोना काल में भी सबसे ज्यादा परेशान मजदूर ही हुए थे। उन्हें हजारों किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ी थी। आज भी इस संकट का सबसे अधिक असर मजदूरों पर ही पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को अमेरिका की साम्राज्यवादी नीतियों का खुलकर विरोध करना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी भाकपा माले 

दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल West Bengal Election में वाम मोर्चा के साथ तालमेल कर उनकी पार्टी 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके अलावा असम में तीन और तमिलनाडु में 14 सीटों पर पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी। जहां पार्टी के प्रत्याशी नहीं होंगे, वहां भाजपा को हराने वाली पार्टी को समर्थन दिया जाएगा।

एसआइआर के नाम पर छीना जा रहा लोगों का अधिकार 

दीपांकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आने के लिए एकतरफा अभियान चला रही है। एसआईआर SIR के नाम पर पहले चरण में 58 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। वहीं, जिनका नाम 2002 की मतदाता सूची में दर्ज है, ऐसे करीब 60 लाख मतदाताओं का मतदान अधिकार भी अधर में लटका हुआ है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा को समाप्त कर ‘जी राम जी योजना’ MGNREGA controvers लाने, श्रम कानूनों में संशोधन करने और चार लेबर कोड लागू करने के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों पर प्रहार कर रही है तथा उन्हें फिर से गुलाम बनाने की साजिश रच रही है।

प्रेस वार्ता में पार्टी के राज्य सचिव मनोज भक्त, विधायक अरूप चटर्जी, पूर्व विधायक विनोद सिंह, हलधर महतो, सुषमा मेहता सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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