महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में कमजोर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पार्टी में अगले दो-तीन महीनों में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। पार्टी को विशेषकर केरल, असम और तमिलनाडु में गठबंधन सहयोगियों के साथ सत्ता की संभावनाएं नजर आ रही हैं।
इसी परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस हाईकमान ने तमिलनाडु के अपने नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे द्रमुक (DMK) के साथ गठबंधन से जुड़े किसी भी नीतिगत मुद्दे पर सार्वजनिक बयानबाजी न करें। इसमें सीटों की संख्या से लेकर सत्ता में हिस्सेदारी जैसे संवेदनशील विषय शामिल हैं।
हाईकमान ने साफ कर दिया है कि चाहे सीट बंटवारे का मसला हो या गठबंधन का स्वरूप, इन सभी पर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा। इस निर्देश के साथ ही तमिलनाडु में कांग्रेस की चुनावी रणनीति स्पष्ट हो गई है कि वह द्रमुक के साथ मिलकर ही मैदान में उतरेगी।


