उन्होंने कहा कि देश में टिड्डीदल की तरह ही जनसंख्या बढ़ रही है और इसी अनुपात में भ्रष्टाचार भी बढ़ रहा है। इस बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने सभी प्रदेशों की सरकारों से विशेष आग्रह किया है कि इस भ्रष्टाचार के जहर से कम से कम दवाईयों और मिठाईयों और मंदिरों के प्रसाद को मुक्त किया जाए। सरकार इस बात को गंभीरता से विचार करे और अपराधियों को कठोर सजा दें।