जाजमऊ के टेनरी व स्क्रैप कारोबारी महफूज आलम और उसके परिवार के 12 बैंकों के 68 से ज्यादा खातों में पहुंचे 1600 करोड़ रुपये पिछले दो वर्षों 470 लोगों की फर्मों के खातों से पहुंचे थे।
जांच में कई और नए खातों की जानकारी मिली है, जिनके लेनदेन जांचे जा रहे हैं। वहीं, कारोबारी महफूज की लोकेशन पहले लखनऊ व प्रयागराज की मिली थी, पर अब कोलकाता की मिल रही है। फिलहाल उसका मोबाइल बंद है।
श्याम नगर में 16 फरवरी को दो बाइकों पर सवार चार युवकों ने यशोदा नगर के वासिद व अरशद से रुपये लूटे थे। दोनों जाजमऊ निवासी महफूज आलम उर्फ पप्पू छूरी वाला के लिए काम करते थे।
पुलिस ने जांच की तो पता चला कि दोनों ने उस दिन फूलबाग की आइडीबीआइ बैंक से 3.20 करोड़ रुपये निकाले थे, जिसमें कुछ लोगों को रुपये बांटने के बाद शेष 25 लाख लेकर महफूज के घर जा रहे थे। पुलिस ने रुपये लूटने वाले यासिन व मुजाहिद के साथ अब्दुल रहमान, शुभाम खान, लारेब सिद्दकी, जीशान को पकड़ा था।
दो साल का लिया गया ब्योरा
गिरफ्तारी से पहले क्राइम ब्रांच को आरोपितों की लोकेशन पहलगाम, कश्मीर, नेपाल की मिली थी, जिससे आतंकी गतिविधियों और टेरर फंडिंग की आशंका जताई गई। जब पता चला कि महफूज और उसके परिवार के 68 खातों में 1600 करोड़ का लेनदेन हुआ तो संबंधित बैंकों से उसके दो साल का ब्योरा लिया गया।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि खातों में रुपये आने की जांच तो आयकर व जीएसटी कर रहा है लेकिन कारोबारी और उसका परिवार का कनेक्शन और उनके खातों में टेरर फंडिंग और विदेश से हो रही फंडिंग की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। महफूज की आखिरी लोकेशन कोलकाता की मिली है। टीम उसकी तलाश में लगी है।


