हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के तहत तैनात शिक्षकों को विभाग में मर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य सरकार 5 प्रतिशत एलडीआर कोटे के तहत इन शिक्षकों को विभाग में जॉब ट्रेनी आधार पर नियुक्ति दे रही है। स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा हाल ही में एलडीआर की परीक्षा करवाई गई थी। इस परीक्षा में चयनित शिक्षकों को अब 27 मार्च को स्कूल शिक्षा निदेशालय में काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है।
पहले ये शिक्षक दो साल जॉब ट्रेनी रहेंगे, दो साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद इन्हें नियमित किया जाएगा। निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग आशीष कोहली ने इसकी पुष्टि की है।
पांच प्रतिशत कोटा किया तय
राज्य सरकार ने एसएमसी के तहत लगे शिक्षकों को नियमित करने के लिए पांच प्रतिशत एलडीआर (सीमित सीधी भर्ती) कोटा तय किया है। सीएंडवी श्रेणी के शिक्षकों का रिकार्ड निदेशालय स्तर पर जांचा जा रहा है।
20 साल से दे रहे सेवाएं
राज्य के सरकारी स्कूलों में 2400 के करीब एसएमसी शिक्षक हैं। करीब 15 से 20 सालों से ये विभाग में कार्यरत हैं। जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी व पीईटी के लिए सरकार ने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में बदलाव कर 5 प्रतिशत एलडीआर कोटा निर्धारित किया है।
प्रवक्ता व डीपीई के लिए कोटा नहीं तय
प्रवक्ता व डीपीई (शारीरिक शिक्षक) के लिए यह कोटा अभी तक तय नहीं किया गया है। सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है, लेकिन अभी तक नियम नहीं बदले गए हैं। जिसके चलते इन दो श्रेणियों के शिक्षकों का इंतजार लंबा होता जा रहा है।


