होर्मुज में भरोसे के दम पर चल रहे जहाज, शिपिंग कंपनियों में डर का माहौल: अनिल देवली

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन जब तक दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट पार करना जहाजों के लिए मुश्किल हो गया है।

भारत सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब दो महीने से होर्मुज में कई जहाज फंसे हैं। लेकिन अमेरिका-ईरान के बीच जल्द कोई समझौता होने के साथ ही होर्मुज पार करना पहले की तरह आसान हो सकता है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में इंडियन नेशनल शिपओनर्स एसोसिएशन के चीफ एग्जीक्यूटिव अनिल देवली का कहना है, ‘होर्मुज टेक्निकली अभी भी खुला है, लेकिन कमर्शियल शिपिंग नॉर्मल से बहुत दूर है। होर्मुज के भरोसे के नाम पर जहाज चल रहे हैं।’

होर्मुज खुला या बंद?

अनिल देवली ने कहा कि इस चोकप्वाइंट में 14 भारतीय जहाजों के फंसने और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के भारतीय जहाजों पर हमला किए जाने के बाद नाविकों में थोड़ी झिझक होना लाजमी है।

अनिल देवली ने बताया, ‘टेक्निकली, होर्मुज खुल गया है। जहाज आ-जा रहे हैं, लेकिन कमर्शियल ट्रैफिक के लिए रिस्क अभी भी बहुत ज्यादा है। हम समझते हैं कि कुछ न्यूट्रल-फ्लैग वाले जहाज ईरान की चुपचाप इजाजत या US की सुरक्षा से गुजर रहे हैं, लेकिन नॉर्मल ट्रैफिक रुक गया है। जो जहाज चल रहे हैं, वे भरोसे के सहारे चल रहे हैं।

भारतीय जहाजों पर हुई थी फायरिंग

18 अप्रैल को भारतीय झंडे वाले दो जहाजों पर ईरानी नौसेना ने फायरिंग की थी, जिसके बाद ये जहाज होर्मुज से वापस लौट गए थे। अनिल देवली ने बताया, ‘जब पहला भारतीय जहाज निकला, फिर दूसरा, छठा, सातवां, आठवां आत्मविश्वास बन रहा था।’

VLCC सनमार हेराल्ड और बल्क कैरियर जग अर्नव पर हमला होने के बाद से भारतीय नाविकों ने जहाजों पर ब्रेक लगा दिए। इस घटना के बाद भारत ने अपने नाविकों की सुरक्षा के बारे में ईरानी राजदूत के सामने यह मुद्दा उठाया था।

देवली ने बताया, एक ऑडियो में सनमार हेराल्ड की रेडियो अपील रिकॉर्ड हुई थी। कैप्टन को रेडियो पर ईरानियों से यह कहते हुए सुना गया, ‘सेपा नेवी! आपने मंजूरी दे दी, मैं आपकी लिस्ट में दूसरे नंबर पर हूं। अब आप गोलीबारी कर रहे हैं! मुझे वापस जाने दो।’

पिछले महीने जब अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई बहुत ज्यादा बढ़ गई थी, तब भारतीय नाविकों और क्रू मेंबर्स के लिए सप्लाई, खाने की डिलीवरी और बेसिक सर्विस में रुकावट आई थी। देवली ने कहा कि लेकिन अब वो स्थिति ठीक हो गई है। भारत को अब तक आठ LPG जहाजों को लाने-ले जाने में मदद मिली है।

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