मध्य पूर्व में पिछले करीब एक महीने से जारी युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग ट्रैफिक बाधित होने से भारत के एलपीजी आयात पर गहरा असर पड़ा है। देश अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60% आयात करता है, जिसमें से 90% से ज्यादा हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से गुजरता है। इस वजह से कई कार्गो जहाज फंस गए हैं और घरेलू तथा वाणिज्यिक स्तर पर गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। शनिवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने वाणिज्यिक एलपीजी के उपभोक्ताओं के लिए राहत का ऐलान किया। मंत्रालय के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब कुल 50% तक आवंटन मिलेगा, जिसमें अतिरिक्त 20% की मंजूरी दी गई है।
होर्मुज संकट से फंसे जहाज और बढ़ती मांग
युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य में ज्यादातर जहाजों की आवाजाही रुक गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के कई एलपीजी टैंकर वहां फंसे हुए हैं, जिससे आयात में भारी कमी आई है। घरेलू उत्पादन बढ़ाकर भी स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वाणिज्यिक क्षेत्र जैसे होटल, रेस्तरां, ढाबे और कैंटीन सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
सरकार ने पहले घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए वाणिज्यिक आपूर्ति सीमित की थी, लेकिन अब स्थिति सुधारने के प्रयास तेज हो गए हैं। अमेरिका से वैकल्पिक आयात बढ़ाया जा रहा है और कुछ जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज पार कर चुके हैं।
अतिरिक्त आवंटन के साथ पीएनजी पर जोर
मंत्रालय ने 21 मार्च 2026 के पत्र के जरिए राज्यों को 20% अतिरिक्त आवंटन स्वीकृत किया है, जिससे कुल आवंटन का 50% हो जाएगा। इसमें पहले से चल रहे 10% और नया 20% एक्सट्रा आवंटन शामिल है।
पीएनजी के विस्तार में तेजी
हालांकि, यह पूरा लाभ पाने के लिए राज्यों को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के विस्तार में तेजी लानी होगी। 18 मार्च को जारी एक अन्य पत्र में सरकार ने 10% अतिरिक्त देने की पेशकश की थी, जो निम्न सुधारों पर निर्भर है:
- सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) आवेदनों की मंजूरी और शिकायत निपटान के लिए राज्य/जिला समितियां गठित करने पर 1% अतिरिक्त
- सीजीडी अनुमतियां जारी करने के आदेश पर 2% अतिरिक्त
- खुदाई और पुनर्स्थापन योजना शुरू करने पर 3% अतिरिक्त
- वार्षिक किराया/पट्टा शुल्क कम करने पर 4% अतिरिक्त।
- ये कदम पीएनजी ग्रिड को मजबूत करेंगे और लंबे समय में एलपीजी पर निर्भरता घटाएंगे
- पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहन और अभियान
प्रमुख शहरों में वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को एलपीजी की जगह पीएनजी अपनाने के लिए सरकारी कंपनियां अभियान चला रही हैं। ग्रिड से जुड़े उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का 80% तक सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
पीएनजी कनेक्शन के लिए स्पेशल ऑफर
जीएआईएल ने तत्काल पीएनजी कनेक्शन के लिए 500 रुपये तक गैस फ्री ऑफर दिया है, जो रिफिलिंग की परेशानी से मुक्ति देता है और सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। हाल के दिनों में 13,700 से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन जारी हुए हैं और 7,300 से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी से स्विच किया है। इससे एलपीजी की मांग पर दबाव कम हुआ है।
सरकार ने सभी केंद्रीय सरकारी प्रतिष्ठानों, कॉलोनियों और कैंटीनों को जहां उपलब्ध हो, पीएनजी इस्तेमाल करने की सलाह दी है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे रेस्तरां, होटल और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को प्राथमिकता दें। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने भी पीएनजी कनेक्शन आवेदन और सप्लाई के बीच समय कम करने के निर्देश जारी किए हैं।


