रामनवमी को लेकर राजधानी में तैयारियां तेज हो गई हैं। पटना नगर क्षेत्र में निकलने वाली शोभायात्रा के लिए 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस राशि से आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा।
सरकार ने साफ किया है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। प्रशासन को पहले से अलर्ट कर दिया गया है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर रहेगा फोकस
शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। यातायात को सुचारु रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है।
भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। हर स्तर पर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
साफ-सफाई और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
नगर निगम को साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पेयजल और अस्थायी शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड में रखा गया है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम तैनात रहेगी। सरकार चाहती है कि आयोजन पूरी तरह व्यवस्थित हो। इसके लिए विभागों के बीच समन्वय बनाया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वीकृत राशि का उपयोग तय मदों में ही किया जाए। किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समय पर सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। आयोजन को सुरक्षित और यादगार बनाने पर जोर दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
अन्य धार्मिक मेलों के लिए भी मिली स्वीकृति
सरकार ने अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए भी राशि स्वीकृत की है। चैती छठ के तहत देव (औरंगाबाद) में 30 लाख और उलार (पटना) में 6 लाख दिए गए हैं।
मुंगेर के सीताकुंड मेला के लिए 21 लाख की मंजूरी मिली है। बांका और मुजफ्फरपुर के श्रावणी मेलों को भी आर्थिक सहायता दी गई है।
अररिया के महाशिवरात्रि मेला के बकाया भुगतान को भी स्वीकृति दी गई है। सरकार सभी आयोजनों को बेहतर और सुरक्षित बनाने पर जोर दे रही है।


