शहर में रविवार रात आंधी तूफान में पेड़ गिरे, बिजली पोल व लाइन क्षतिग्रस्त हुई तो शहर के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित हो गई।
सोमवार शाम को ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की प्रयासों के बाद शाम को बिजली के कुछ इलाकों में दर्शन हुए फिर मेनलाइन में ब्रेकडाउन हुआ तो पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। 40 घंटे बाद भी सप्लाई बहाल नहीं होने से मोबाइल शोपीस बन गए जबकि पर्यटन कारोबार पर बुरा असर पड़ा।
मुख्य लाइन में ब्रेकडाउन, मंडलीय अफसर बेपरवाह, अंधेरे में नैनीताल
रात करीब 9: 30 बजे ऊर्जा निगम की ओर से बताया गया कि मेनलाइन में फिर ब्रेक डाउन आ गया, अब फिर से फाल्ट तलाश रहे हैं। बिजली गुल होने से बाजारों में रेस्टोरेंट में पर्यटकों ने मोमबत्ती के उजाले में खाना खाया जबकि सड़क किनारे के रेस्टोरेंट में दुपहिया वाहनों की लाइट के उजाले में पर्यटकों ने पेट की भूख शांत की। यह संभवतः पहला मौका है।
सोशल मीडिया पर कोस रहे सिस्टम
प्रसिद्ध पर्यटन व वीआईपी शहर में ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता को छोड़कर हल्द्वानी में बैठने वाले ऊर्जा निगम के पदों पर काबिज अधिकारी इस संकट को देखने तक नहीं आए। अधिशासी अभियंता के अनुसार फॉल्ट तलाश किया जा रहा है। उम्मीद है दोपहर तक सप्लाई सूचारू हो सकती है। कटौती मुक्त नैनीताल में घंटों बिजली गुल होने पर उपभोक्ता इंटरनेट मीडिया में सिस्टम को खूब कोस रहे हैं।


