सांसद कुमारी सैलजा ने देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को छोड़कर अधिकांश कामर्शियल संस्थानों के लिए एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित होने से छोटे व्यापारियों, होटल-रेस्तरां संचालकों और लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ रहा है।
जारी बयान में सांसद सैलजा ने कहा कि कई स्थानों पर गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे आम लोगों और व्यापारियों में चिंता का माहौल बन गया है। यदि समय रहते इस स्थिति को संभाला नहीं गया तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। कुमारी सैलजा ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले भी ऊर्जा और आर्थिक नीतियों से जुड़ी चुनौतियों को लेकर आगाह कर चुके हैं।
ऐसे में सरकार का दायित्व है कि वह ऊर्जा आपूर्ति, व्यापारिक समझौतों और विदेश नीति से जुड़े निर्णयों पर स्पष्ट जानकारी देश के सामने रखे। उन्होंने कहा कि विदेश नीति के कुछ निर्णयों के कारण भारत को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कई ऐसे देश, जिनसे भारत को पहले सस्ती दरों पर पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध होते थे, उनसे व्यापारिक परिस्थितियां प्रभावित हुई हैं।
इसके परिणामस्वरूप भारत को अपेक्षाकृत महंगे पेट्रोलियम पदार्थ और कच्चा तेल खरीदने की स्थिति बन रही है, जिसका सीधा असर एलपीजी और अन्य ऊर्जा संसाधनों की कीमतों पर पड़ सकता है। इसका बोझ अंतत: आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों पर ही पड़ेगा।


