राज्य के विभिन्न जिलों में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य को गति देने के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया है। इस राशि के जारी होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। कई जिलों में धन की कमी के कारण निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा था।
पंचायती राज विभाग द्वारा की गई समीक्षा में यह पाया गया कि कई जगहों पर निर्माण कार्य अपेक्षित रफ्तार से नहीं चल रहा है। जांच के दौरान अधिकारियों ने धन की कमी को इसकी प्रमुख वजह बताया। इसके बाद विभाग ने वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा, जिसके आधार पर 500 करोड़ रुपये का आवंटन स्वीकृत किया गया।
50 से अधिक भवनों का निर्माण
राज्य में कुल दो हजार पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। इन भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को सौंपी गई है। मुजफ्फरपुर जिले में भी 50 से अधिक पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कराया जा रहा है।
विभाग ने सामान्य और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अनुसार भवन निर्माण की लागत निर्धारित की है। सामान्य क्षेत्रों में एक पंचायत सरकार भवन के निर्माण पर लगभग एक करोड़ 99 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक भवन पर करीब दो करोड़ 86 लाख रुपये की लागत आएगी।
मुजफ्फरपुर जिले के औराई, कटरा और गायघाट समेत अन्य प्रखंडों में करीब एक दर्जन पंचायत सरकार भवन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनाए जा रहे हैं। इन भवनों को अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया जाएगा, ताकि बाढ़ के समय भी इसकी मजबूती बनी रहे। साथ ही बाढ़ के दौरान इन भवनों का उपयोग सामुदायिक केंद्र के रूप में भी किया जा सकेगा।
बहुउद्देशीय भवन के रूप में होगा उपयोग
सामान्य क्षेत्रों में भी पंचायत सरकार भवन बहुउद्देशीय रूप में बनाए जाएंगे, हालांकि इनका क्षेत्रफल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तुलना में थोड़ा कम होगा। इन भवनों के एक तल पर पुस्तकालय, डाकघर और बैंक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा परिसर में सुधा होल डे मिल्क पार्लर खोलने की भी योजना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता आसान हो सके।


