‘भारत से प्रेम करते थे खामेनेई, मधुर संबंध पर देते थे जोर’, हकीम इलाही बोले- हिंदुस्तान हमारा आत्मीय मित्र

 ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने भारत और ईरान के बीच गहरे ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए दोनों देशों की मित्रता को पांच हजार साल पुरानी बताया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान, भारत के साथ किसी भी तरह का संघर्ष या तनाव नहीं चाहता है, बल्कि सहयोग के नए आयाम स्थापित करने का इच्छुक है।

दोनों देशों के बीच अटूट सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भारत से प्रेम करते थे और भारत-ईरान के बीच अच्छे सहयोग एवं मधुर संबंध पर जोर देते थे। भारत के प्रति अयातुल्ला खामेनेई का विशेष लगाव एक विशेष साक्षात्कार में हकीम इलाही ने अयातुल्ला अली खामेनेई के भारत प्रेम का जिक्र करते हुए एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा किया।

उन्होंने बताया कि खामेनेई द्वारा लिखी गई पहली पुस्तक भारत के विषय पर ही थी, जो दो खंडों में प्रकाशित हुई थी। यह भारत के प्रति उनके गहरे सम्मान और लगाव को दर्शाता है।

इलाही के अनुसार, खामेनेई अक्सर भारत के साथ बेहतर सहयोग और तालमेल पर जोर देते थे। यही नहीं, उनके उत्तराधिकारी और पुत्र अयातुल्ला मोज्तबा खामेनेई भी भारतीयों की प्रशंसा करते रहे हैं।

इलाही ने बताया कि ईरान में मुलाकातों के दौरान उन्हें अक्सर यह सुनने को मिला कि भारतीय लोग बहुत ईमानदार, दयालु, बुद्धिमान और वफादार होते हैं। ईरान का नेतृत्व भारत को केवल एक पड़ोसी नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक साझेदार के रूप में देखता है।’होर्मुज’ से भारतीय जहाजों को सुरक्षा का आश्वासन पश्चिम एशिया में जारी बढ़ते तनाव के बीच, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भारत की चिंताएं स्वाभाविक हैं।

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