मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के मेधावी युवाओं के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ एक बार फिर अपनी सफलता का लोहा मनवा रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन के आवासीय कोचिंग और मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम से जुड़े 6 अभ्यर्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC-2025) की परीक्षा में चयनित होकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। यह परिणाम न केवल योगी सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण भी है।
मंत्री असीम अरुण ने दी बधाई
इन होनहारों की सफलता पर समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा जैसी परीक्षाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ संसाधन और मार्गदर्शन मिले। सरकार की इस पहल से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब बिना किसी वित्तीय चिंता के बड़े सपने देख पा रहे हैं।
चयनित अभ्यर्थियों का शानदार प्रदर्शन
भागीदारी भवन के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, आवासीय कोचिंग से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विमल कुमार को 107वीं और विपिन देव यादव को 316वीं रैंक प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त, अभ्युदय योजना के मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम का हिस्सा रहीं मानसी (444वीं रैंक), महेश जायसवाल (590वीं रैंक), अदिति सिंह (859वीं रैंक) और तनीषा सिंह (930वीं रैंक) ने भी अंतिम सूची में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा को साबित किया है।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और विश्वस्तरीय सुविधाएं
समाज कल्याण विभाग द्वारा भागीदारी भवन में संचालित इस आवासीय कोचिंग में अभ्यर्थियों को सिविल सेवा मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के लिए विशेष सत्र उपलब्ध कराए जाते हैं। यहाँ विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ अनुभवी आईएएस (IAS) और पीसीएस (PCS) अधिकारी खुद युवाओं का मार्गदर्शन करते हैं। आवासीय कोचिंग के दौरान विद्यार्थियों को निशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकालय, अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन-ऑफलाइन कक्षाओं जैसी तमाम सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जिससे वे अपनी तैयारी को धार दे सकें।


