पश्चिम उत्तर प्रदेश में शत्रु संपत्तियां बेशकीमती हैं। उनकी कीमत करोड़ों में है। भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय ने इन संपत्तियों का नए सर्किल रेट के मुताबिक मूल्यांकन करने और पैमाइश करके रिपोर्ट मांगी है।
इसके बाद इन संपत्तियों को नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपदों में 1700 से ज्यादा शत्रु संपत्तियां आवासीय और कृषि की हैं। इनमें से अधिकांश अवैध कब्जों की शिकार हैं। इन्हें कब्जामुक्त करके नीलामी का प्रयास विभाग द्वारा किया जा रहा है।
अवैध कब्जों की शिकार हैं पश्चिम की बेशकीमती शत्रु संपत्तियां
भारत पाकिस्तान बंटवारे के दौरान देश छोड़कर पाकिस्तान गए लोगों की आवासीय और कृषि भूमि को भारत सरकार ने शत्रु संपत्ति घोषित कर रखा है। इन संपत्तियों की देखरेख की जिम्मेदारी भी सीधे भारत सरकार का शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय करता है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में शत्रु संपत्तियों की संख्या बहुतायत में है।
प्रमुख जनपदों में इनकी संख्या 1700 से ज्यादा बताई जा रही है। जिनमें प्रत्येक की आज कीमत भी करोड़ों में है। यही कारण है कि आवासीय हो या कृषि भूमि अधिकांश को लोगों ने कब्जे में ले रखा है। भारत सरकार द्वारा इन्हें धीरे धीरे कब्जामुक्त कराकर अब नीलाम किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में कुछ संपत्तियों को नीलामी में लगाया गया। जिनमें कुछ की नीलामी के बाद धनराशि भी जमा हो चुकी है।
मेरठ में 122 संपत्तियों में से 45 शहर में, सभी पर कब्जा
मेरठ जनपद में शत्रु संपत्तियों की संख्या लगभग 122 बताई जा रही है। जिसमें से 45 संपत्तियां मेरठ शहर में हैं। ये सभी आवासीय संपत्तियां हैं। जो कि सभी अवैध कब्जों की शिकार हैं। अन्य संपत्तियां सरधना, मवाना और सदर तहसील में स्थित हैं। जिनमें से अधिकांश कृषि भूमि हैं। मेरठ में 19 कृषि संपत्तियों को कब्जामुक्त कराकर नीलाम कराने का प्रयास किया जा रहा है।
नए सर्किल रेट से मांगा मूल्यांकन
भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय के मुख्य पर्यवेक्षक ब्रिगेडियर यशपाल सिंह ने प्रदेश के सभी जनपदों में स्थित शत्रु संपत्तियों का नए सर्किल रेट के मुताबिक मूल्यांकन और पैमाइश कराकर संयुक्त रिपोर्ट मांगी है। मेरठ में एक अगस्त 2025 से नए सर्किल रेट लागू किए गए थे।


