पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बने हुए हैं। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और कंधार में बम धमाके किए।
पाकिस्तान का दावा है कि इस हमले में 130 अफगान लड़ाके मारे गए हैं। वहीं तालिबान ने हमले की बात स्वीकारी, लेकिन किसी के भी हताहत होने से इनकार किया।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान युद्ध पर भारत का रुख
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच इस तनावपूर्ण स्थिति में भारत की तरफ से अभी कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है। लेकिन भारत पहले भी कई बार पाकिस्तान के खिलाफ जंग में अफगानिस्तान की आजादी का समर्थन कर चुका है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच अक्टूबर 2025 में भी हालात बिगड़े थे। उस समय तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारत दौरे पर आए थे।
भारत ने तब अफगानिस्तान के समर्थन में पाकिस्तान के बारे में कहा था, ‘पाक आतंक को स्पॉन्सर करता है, पड़ोसियों पर इल्जाम लगाता है।’
विदेश मंत्रालय का बयान
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच पहले छिड़े तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, ‘तीन बातें साफ हैं – पहली, पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को पनाह देता है और आतंकवादी गतिविधियों को स्पॉन्सर करता है।
रणधीर जायसवाल ने बताया था, ‘दूसरी बात, अपनी अंदरूनी नाकामियों के लिए अपने पड़ोसियों पर इल्जाम लगाना पाकिस्तान की पुरानी आदत है, और तीसरी, पाकिस्तान इस बात से नाराज है कि अफगानिस्तान अपने इलाकों पर सॉवरेनिटी का इस्तेमाल कर रहा है।’
भारत ने पिछले साल पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच हुई झड़पों में अफगान के आम लोगों की मौत की भी निंदा की थी।


