पूर्वांचल एक्सप्रेस के पास घटना से कुछ देर पहले ही चालक और कंडक्टर ने ढाबे पर खाने के साथ शराब पी और जब वहां से बस ले कर निकले तो वे रास्ते में भी शराब की बोतल से गिलास में डाल रहे थे तभी अचानक से बस इधर-उधर लहराने लगी और उसके बाद मुझे कुछ पता ही नहींं चला कि क्या हो रहा है। अचानक बस पलट गई।
बस में सवार दरभंगा निवासी मुकेश कुमार ने घटना की हकीकत को बताया। कहा कि चालक की लापरवाही से ही घटना हुई है। वह कहते हैं कि सब कुछ इतनी जल्दी में हुआ कि कोई कुछ समझ भी नहीं पाया। घटना से भयभीत हर कोई यही सोच रहा था कि बस का सफर दुर्घटना का कारण बन गया। अचानक चारों तरफ चीख-पुकार, टूटे शीशों की खनक और अंधेरे में अपनों का नाम पुकारती आवाजें- कुछ ही सेकंड में खुशियों से भरा सफर दहशत में बदल गया।
कई यात्रियों की आंखों में अब भी वह मंजर ताजा है, जब मौत मानों कुछ कदम की दूरी पर खड़ी थी और हर धड़कन एक नई दुआ बन गई थी। होली के समय ट्रेन में सीट न मिलने के कारण लोगों ने सोचा कि बस ही सबसे सस्ता और आसान रास्ता होगा, इसलिए लोगों सोचा कि क्यों न बस से ही चला जाए।
बिहार अररिया निवासी अली रिजा कहते हैं कि रात से लेकर सही तरीके से चल रही थी, लेकिन जब वे ढाबे पर खाना खाने के लिए रुके तो चालक व कंडक्टर शराब की दो बोतल ले कर आए और उसे पीया। कुछ शराब उन्होंने बस में पीने के लिए बचा लिए। जब बस के अंदर शराब पी रहे थे, तभी हादसा हो गया।
होली में घर जाने की खुशी थी और मैं बस में खुशी-खुशी घर के लिए जा रहा था लेकिन तभी एक जोरदार धमाका हुआ और सब कुछ अंधेरे में डूब गया। मुझे लगा अब शायद घर वालों से कभी नहीं मिल पाऊंगा। बच्चों का चेहरा आंखों के सामने घूमने लगा।- रामेश्वर प्रसाद (सीतामढ़ी)
अभी छठ का पर्व आने वाला है तो मै उसी लिए घर जा रहा था। घर वालोंं से बताया था कि आज घर पहुंच जाउंगा। शाम तीन बजे के करीब अचानक मैं सीट से उछलकर आगे जा गिरा। किसी तरह उठ कर देखा तो चारों तरफ चीख-पुकार थी। किसी का हाथ खून से सना था, कोई मदद के लिए पुकार रहा था।- अरबिंद सादा( सुपौल)


