पटियाला हाउस स्थित विशेष मकोका अदालत ने शरद पांडे गैंग से जुड़ी लग्जरी कारों की खरीद-बिक्री के आरोपित चंद्रशेखर गुप्ता को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और आरोपित संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है। अदालत ने माना कि दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी वाहनों की कार जैकिंग और उनकी बिक्री में उसकी भूमिका रही है, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती।
मकोका के तहत जांच
जांच में सामने आया कि चंद्रशेखर गुप्ता चोरी की कारें गिरोह से लेकर उन्हें बेचने और उससे मिले रुपयों को अन्य सदस्यों के बैंक खातों में भेजने में शामिल था। इसी मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शरद पांडे का संगठित अपराध गिरोह वर्ष 2020 में मकोका के तहत दर्ज प्राथमिकी के बाद जांच के दायरे में आया था।


