मूंढापांडे स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात फार्मासिस्ट के बेटे ने शुक्रवार शाम छह बजे सरकारी आवास में फंदे से लटककर जान दे दी। वह रामपुर के सेंटपाल स्कूल में कक्षा नौ का छात्र था। बताया कि पढ़ाई में कमजोर होने से वह हमेशा तनाव में रहता था। इस कारण ही उसने खुदकुशी की है। सूचना के बाद घटनास्थल पर पुलिस पहुंची। लेकिन, स्वजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
उत्तराखंड के ऋषिकेश त्रिवेणी निवासी कुलदीप भारती मूंढापांडे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट हैं। वह अपने परिवार के साथ अस्पताल में बने आवास में ही रहते हैं। परिवार में बड़ा बेटा जय सिंह इंजीनियर हैं और वह औरैया की कंपनी में नौकरी करते हैं। जबकि 15 वर्षीय बेटा रामपुर के सेंटपाल स्कूल में कक्षा नौ का छात्र था। जबकि तीसरा बेटा कक्षा छह का छात्र है।
बताया कि कक्षा नौ में पढ़ने वाला बेटा पढ़ाई में काफी कमजोर था। परिवार के लोग बार-बार उस पर पढ़ाई करने का दबाव बनाते थे। जबकि वह मोबाइल फोन में रील देखना अधिक पसंद करता था। वह स्कूल से आता तो अकेले में जाकर मोबाइल फोन देखने लगता था। उधर, पढ़ाई में कमजोर होने के चलते उसके साथी छात्र भी उसे चिढ़ाते थे। इस बात से भी वह आहत रहता था।
शुक्रवार शाम छात्र की मां अनीता देवी छोटे बेटे को ट्यूशन छोड़ने के लिए गई थीं। कक्षा नौ का छात्र घर पर अकेला था। उसी दौरान वह कमरे में जाकर फंदे से लटक गया। छोटे बेटे को छोड़कर मां लौटी तो बेटे को फंदे से लटका देख उनकी चीख निकल गई। शोर शराबा सुनकर स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सक पहुंच गए। छात्र को फंदे से उतारा गया, लेकिन जब तक उसकी मृत्यु हो गई।


