हरियाणा की जेलों में सुरक्षा का घेरा मजबूत, लगेंगे अत्याधुनिक कैमरे और हाई-टेक जैमर
हरियाणा की जेलों में बंद कुख्यात अपराधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए जेलों के अंदर बनी बैरकों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के साथ पुरानी तकनीक वाले कैमरे हटाकर नई तकनीक वाले कैमरे लगाए जाएंगे। गुरुग्राम की भोंडसी तथा फरीदाबाद स्थित नीमका जेल में यह काम आरंभ भी कर दिया गया है। इसके अलावा प्रदेश की छह जेलों में अत्याधुनिक तकनीकयुक्त जैमर भी लगाए जा रहे हैं। यह काम केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी आइटीआइ लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है।
गैंगस्टरों द्वारा जेल में रहते हुए भी अपने गुर्गों के संपर्क में रहकर अपराध किए जाते हैं। इसे देखते हुए हाई फ्रीक्वेंसी जैमर लगाए जा रहे हैं। उच्च तकनीक वाले जैमर गुरुग्राम की भोंडसी, फरीदाबाद की नीमका तथा अंबाला की सेंट्रल जेल सहित प्रदेश की छह जेलों में लगाए जाने हैं। जेलों के निगरानी सिस्टम को सुधारने से लेकर कैदियाें को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें अपराध से दूर करने के प्रयास पहले से ही किए जा रहे हैं।
बैरकों की सुरक्षा पर सवाल हुए खड़े
लेकिन कुछ दिन पहले ही आतंकी साजिश रचने के आरोप में फरीदाबाद की नीमका जेल में उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के गांव मंजनाई के रहने वाले अब्दुल रहमान की हत्या गैंग्स्टर अरुण चौधरी द्वारा उसके बैरक में ही कर दी गई थी, जिसके बाद से बैरकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए थे।
इसके बाद से ही जेलों के निगरानी तंत्र को अत्याधुनिक और पहले से गहन किया जा रहा है। जेल में मोबाइल मिलने की घटनाएं भी सामने आती रहती है। यही नहीं, जब वारदात से पर्दा पुलिस उठाती है तो जांच में सामने आता है कि जेल में बंद गैंग्स्टर ने ही गुर्गाें से बात कर प्लान बनवाया था।
कई जेलों में थ्री-जी सिस्टम वाले जैमर कई साल पहले लगाए गए थे। अब फोर तथा फाइव जी सिम आ गए हैं। ऐसे में जैमर सिम को ट्रैक नहीं कर पाता है। बताते हैं कि यह काम मार्च माह के दूसरे सप्ताह तक पूरा कर लिए जाएगा।


