मौसम साफ रहने दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिले में लगातार तापमान में उतार चढ़ाव हो रहा है। इससे गेहूं की फसल में पीले रतवा का खतरा बढ़ गया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसल में बीमारी आने से पैदावार घटने की संभावना है। मंगलवार को तापमान अधिकतम 27 व न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में तापमान ज्यादा बढ़ेगा।
तापमान में होने वाले बदलाव को देखते हुए किसान संभावित बीमारियों से फसलों को बचाने के लिए स्प्रे करने में जुटे हैं। लंबे समय से मौसम खुश्क होने से जमीन की नमी घट रही है, इसे देखते हुए फसलों में हल्की सिंचाई की जा रही है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को लगातार फसल की निगरानी करने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि फसल में बीमारी के लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत विशेषज्ञों की सलाह लेकर उपचार करें।
छछरौली क्षेत्र में मौसम में अचानक बढ़ोतरी और गिरावट के कारण फंगस जनित बीमारियों के पनपने की संभावना बढ़ गई है। खेतों में गेहूं की पत्तियां पीली पड़ती दिखाई दे रही हैं। किसान जय भगवान, राजेश, राजीव, गौतम, हेमराज और संदीप ने आशंका जताई कि यह लक्षण पीला रतवा रोग के हो सकते हैं।
समय रहते उपचार नहीं हुआ तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पीला रतवा गेहूं की गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो तेजी से फैलती है, पैदावार को 50 प्रतिशत तक प्रभावित कर सकती है। यह रोग विशेष रूप से ठंडे और नम मौसम में अधिक सक्रिय होता है।
कृषि विज्ञान केंद्र दामला के कृषि वैज्ञानिक डा. अनिल ने बताया कि सबसे पहले किसानों को खेत का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करना चाहिए। यदि पत्तियों पर पीली धारियां या धब्बे दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।


