पूरे नॉर्थ कर्नाटक इलाके में महाशिवरात्रि मनाई गई। अलग-अलग शहरों और गांवों के अलग-अलग मंदिरों में खास पूजा हुई। रविवार को हुबली में सद्गुरु श्री सिद्धारूधा स्वामी के शिवरात्रि यात्रा महोत्सव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने बड़ी संख्या में मठ पहुंचकर सद्गुरु सिद्धारूधा और गुरुनाथारूधा का आशीर्वाद लिया।
महाशिवरात्रि पूजा कार्यक्रम ईश्वर रामलिंगेश्वर और अन्य मंदिरों सहित विभिन्न मंदिरों में आयोजित किए गए थे। उंकल क्रॉस में श्री रामलिंगेश्वर मंदिर में बड़े पैमाने पर महाशिवरात्रि जागरण का आयोजन किया गया था। हजारों भक्तों ने मंदिर में जाकर प्रसाद चढ़ाया।
एक लाख से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल
केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के एक लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। लकड़ी के बने भव्य रथ पर अज्जा स्वामी को बैठाकर पालकी के रूप में जुलूस निकाला जाता है। श्रद्धालु पवित्र रथ को खींचकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
भक्त उनाकल के ऐतिहासिक चंद्रमौलेश्वर मंदिर पहुंचे और मूर्ति के दर्शन के लिए सुबह से ही लाइनों में खड़े हो गए। हुबली में रेलवे स्टेशन रोड पर ईश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के लिए बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद चढ़ाया और भगवान की पूजा की।
हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा
इस वर्ष रथ के ऊपर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। सदियों पुरानी जात्रा महोत्सव में देशभर से आए भक्त शामिल होते हैं। यह मठ अद्वैत दर्शन को समर्पित है।
भक्तों ने खजूर, होलीगे और कडुबू चढ़ाए। दिन-रात भजन हुए। पास के बुदनगुड्डा बसवन्ना देवरा मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर भजन हुए। धार्मिक रस्में की गईं और भगवान को प्रसाद चढ़ाया गया।


