जल संरक्षण को बढ़ावा देने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में आठ विकास खंड क्षेत्रों के 49 ग्राम पंचायतों में नए अमृत सरोवरों का निर्माण होगा। चयनित ग्राम पंचायतों में जलाशयों निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इससे न केवल भू-जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि कृषि, पशुपालन कौर ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रति सरोवर के निर्माण पर 10 से 12 लाख रुपये खर्च हाेंगे।
जिला प्रशासन की योजना के तहत पुराने पोखरों और तालाबों का जीर्णोद्धार कर उन्हें अमृत सरोवर का रूप दिया जा रहा है। मनरेगा के तहत बनने वाले प्रत्येक सरोवर पर औसतन 10 से 12 लाख रुपये तक की लागत प्रस्तावित है। इन जलाशयों के किनारों को पक्का कर पौधरोपण और बैठने की सुविधा भी विकसित की जाएगी।इससे गांव की खूबसूरती भी बढ़ेगी। जिन ग्राम पंचायतों में पूर्व में सरोवर नहीं बने है और जो मानक पर खरे उतरते हैं, वहां नए सरोवरों का निर्माण किया जाएगा। स्थल चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, कुछ स्थानों पर कार्य आरंभ भी हो गया है। सरोवरों के निर्माण से मनरेगा मजूदरों को भी रोजगार मुहैया हो सकेगा।


