त्रेता युग में कालनेमि नामक राक्षस ने क्षद्म वेष धारण करके हनुमान जी का मार्ग रोकने का प्रयत्न किया था। उसी प्रकार आज हिंदुओं को जाति-पंथ में बांटकर कमजोर करने का कुचक्र रचा जा रहा है। त्रेता युग में एक कालनेमि था आज उसकी मंशा वाले लोगों की भरमार है। वह अपनत्व दिखाकर सनातन धर्मावलंबियों को बांटकर अपना हित साधने को प्रयत्नशील हैं। इससे सतर्क और सजग रहने की जरूरत है। बंटने के बजाय एकजुट रहें। उक्त विचार ओम नम: शिवास संस्थान के संस्थापक प्रभुजी ने व्यक्त किए।
गऊघाट स्थित आश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, विधानसभा चुनाव निकट है। इसलिए धर्म विरोधी ताकतें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बना रही हूं। उन्हें फर्जी संत घोषित किया जा रहा है। योगी के हिंदुत्व पर प्रश्नचिह्न उठाया जा रहा है। यह षड्यंत्र का हिस्सा है।उन्होंने कहा, योगी आदित्यनाथ सच्चे संत और कर्मयोगी हैं। गोरक्ष पीठाधीश्वर के साथ सच्चे संत, ईमानदार कर्मयोगी मुख्यमंत्री हैं। उनका जीवन घर-परिवार के बजाय समाज और राष्ट्र को समर्पित है। जैसे भगवान शिव आसुरी प्रवृत्ति के लोगों के संहारक हैं। उसी प्रकार योगी आदित्यनाथ ने विपरीत परिस्थिति में आसुरी विचार वाले लोगों का संहार करके प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं। हर सच्चे संत को उनके ऊपर गर्व है। कहा कि हिंदुओं का कोई पंथ है न जाति। सभी सनातनी है। हर हिंदू अपने नाम के साथ सनातनी लिखना शुरू करे। जब सभी सनातनी हो जाएंगे तो समस्त भेदभाव स्वत: दूर हो जाएगा।


