हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही अभी दो वर्ष दूर हों, लेकिन राजनीतिक हलचलें पहले से ही तेज हो गई हैं। मंडी जिला, विशेषकर धर्मपुर क्षेत्र में सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की राजनीतिक विरासत को लेकर उनके परिवार में मतभेद अब सार्वजनिक मंच तक पहुंच गए हैं।
पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के जन्मदिवस समारोह में उनकी बेटी और जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया ने मंच से ही विधानसभा चुनाव लड़ने का संकेत दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्मपुर को केवल विधायक नहीं, बल्कि मंत्री चाहिए। उनके इस बयान को सीधे तौर पर उनके भाई रजत ठाकुर की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के खिलाफ चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले चुनावों में धर्मपुर क्षेत्र की राजनीति को और अधिक रोचक बना सकता है। महेंद्र सिंह ठाकुर लंबे समय तक धर्मपुर से भाजपा के प्रमुख चेहरे रहे हैं और उनके परिवार की सक्रियता ने इस क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत की है। अब बेटी और बेटे के बीच दावेदारी ने न केवल स्थानीय राजनीति को गर्मा दिया है, बल्कि पार्टी के भीतर भी चर्चा का विषय बना दिया है।
वंदना गुलेरिया का यह बयान इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में धर्मपुर से भाजपा उम्मीदवार तय करना आसान नहीं होगा। वहीं, रजत ठाकुर भी अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर सक्रिय हैं। ऐसे में यह पारिवारिक टकराव भाजपा के लिए चुनौती बन सकता है।
धर्मपुर क्षेत्र में लोग इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। कुछ लोग इसे परिवार के भीतर स्वाभाविक राजनीतिक प्रतिस्पर्धा मान रहे हैं, तो कुछ इसे पार्टी के लिए संभावित संकट के रूप में देख रहे हैं।


