यूपी के इस जिले में हड़ताल पर रहे बैंककर्मी, 100 करोड़ का कारोबार प्रभावित

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लेबर एक्ट में संशोधन के विरोध में गुरूवार को ट्रेड यूनियन के आवाहन पर बैंक कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। एक दिन की इस हड़ताल में क्लर्क संवर्ग के कर्मचारी शामिल रहे।

संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार इस हड़ताल से करीब सौ करोड़ रुपये के लेनदेन का कारोबार प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों ने मांगों को लेकर अग्रणी बैंक प्रबंधक कार्यालय परिसर में प्रदर्शन भी किया।

उत्तर प्रदेश बैंक इंप्लाइज यूनियन जिला इकाई के जिलाध्यक्ष अंकित अग्रवाल और जिला मंत्री लालजी जायसवाल ने बताया कि सरकार से हमारे संगठन की मांगे हैं कि आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा बंद करते हुए मजदूररों का शोषण रोका जाए, आम ग्राहकाें के लिए बैंकों में सेवा शुल्क कम किया जाए, बैंकों, एलआईसी और जीआईसी में निजीकरण और विनिवेश बंद किया जाए, आईडीबीआई बैंक को बेचने का निर्णय वापस लिया जाए समेत कई अन्य मांगें शामिल हैं।

जिला मंत्री लालजी जायसवाल के अनुसार इस हड़ताल में स्टेट बैंक और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक को छोड़ कर अन्य सभी बैंकों में कामकाज नहीं हुआ। इसके चलते करीब सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।

इससे पहले यूनियन में शामिल क्लर्क संवर्ग के कर्मचारियों ने अग्रणी जिला प्रबंधक के कार्यालय पर एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।

एलआईसी व सेल्स रिप्रेजेंटेटिव ने जताया विरोध

भारतीय जीवन बीमा निगम के जिला महामंत्री रत्नेश सिंह के नेतृत्व में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। शाखा कार्यालय पूरी तरीके से बंद रहा।

रत्नेश सिंह ने कहा कि यह देशव्यापी हड़ताल सरकार के नीतियों के खिलाफ है। हड़ताल में नीरज कर्दम, विक्रम वीर सिंह, शिवम, रमन, निहारिका, कुमोदनी आदि शामिल रहे।

वहीं उत्तर प्रदेश मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोशिएशन जिला इकाई द्वारा भी नए चार श्रम कानूनों का विरोध करते हुए आठ सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट के द्वारा प्रधानमंत्री को भेजा। संचालन अध्यक्ष रामजी पाठक ने किया ।

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