ओडिशा से रोजी-रोटी कमाने गए 3 मजदूरों के साथ तमिलनाडु में क्रूरता, बंधक बनाकर दी गईं अमानवीय यातनाएं
ओडिशा के गंजाम जिले से रोजगार की तलाश में तमिलनाडु गए तीन प्रवासी मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार और शारीरिक यातना का गंभीर मामला सामने आया है।
पीड़ित मजदूरों को काम दिलाने के नाम पर वहां ले जाया गया, लेकिन बाद में उन्हें बंधक बनाकर रखा गया और मजदूरी मांगने पर बेरहमी से प्रताड़ित किया गया।
जानकारी के अनुसार गंजाम जिले के दिगपहांडी क्षेत्र के लक्ष्मी नारायणपुर गांव निवासी बी बुडु रेड्डी (32), बी पूर्णा रेड्डी (30) और एस धोबा डोरा (31) करीब 15 दिन पहले एक लेबर ठेकेदार के झांसे में आकर तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले गए थे। ठेकेदार ने उन्हें बिस्किट फैक्ट्री में काम दिलाने का भरोसा दिया था।
तमिलनाडु पहुंचने के बाद न तो उन्हें वादा किया गया काम मिला और न ही मजदूरी। घर लौटने की कोशिश करने पर एक अन्य ठेकेदार ने दोबारा रोजगार का लालच देकर उन्हें एक निजी इकाई में रख लिया।
आरोप है कि वहां तीनों मजदूरों को एक कमरे में बंद कर दिया गया, उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और कई दिनों तक उन्हें पर्याप्त भोजन भी नहीं दिया गया।
पुलिस ने बचाई जान
पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपनी मजदूरी की मांग की, तो उनके साथ मारपीट की गई और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। किसी तरह धोबा डोरा ने परिवार के एक सदस्य से संपर्क कर पूरी आपबीती बताई।


