मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में हालात ऐसे थे कि हर चौथे दिन शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ता था, पर्व-त्योहार शांति से नहीं मनाए जा सकते थे, लेकिन अब प्रदेश में अराजकता समाप्त हो चुकी है और विकास की नई गति दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ टिकैतनगर के दुल्हदेपुर कुटी में आयोजित दशम श्री हनुमत विराट महायज्ञ एवं श्रीरामार्चा पूजन में शामिल हुए। यज्ञ मंडप में उन्होंने आहुति दी और संत बलराम दास ने उन्हें मखाने व लावा की माला पहनाकर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और सनातन संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। आज सनातन पर दुनिया भर से प्रहार हो रहे हैं, ऐसे में सभी को सचेत और सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि साजिश वे लोग रच रहे हैं, जिन्हें देश और प्रदेश का विकास अच्छा नहीं लगता।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब कानून व्यवस्था सुदृढ़ है। 2017 से पहले हालात इतने खराब थे कि पर्व-त्योहार शांति से नहीं मनाए जा सकते थे और हर चौथे दिन कर्फ्यू लगाना पड़ता था, लेकिन अब अराजकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश में एक करोड़ 16 लाख परिवारों को सालाना पेंशन दी जा रही है, 15 से 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है और पांच करोड़ 46 लाख लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही उन्होंने बाराबंकी को विकास प्राधिकरण देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में बाराबंकी सहित अयोध्या के संत-महंत, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गोंडा, बलरामपुर, सुल्तानपुर, श्रावस्ती और बहराइच से भी लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजन के दौरान 79 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जिन्हें मुख्यमंत्री ने आशीर्वाद प्रदान किया।


