सांप जंगली जानवर है या नहीं? बिहार विधानसभा में उलझे मंत्री प्रमोद कुमार और विधायक जीवेश कुमार

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सांप जंगली जानवर है या नहीं? मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान यह प्रश्न कई बार गूंजा। अंतत: सरकार ने माना कि लिखा-पढ़ी में सांप जंगली जानवर ही है, लेकिन जानवरों की उस सूची में सांप का नाम शामिल नहीं है, जिनके हमले में मारे जाने पर मृतक के आश्रित को 10 लाख रुपये का मुआवजा देता है।

भाजपा के जीवेश कुमार ने यह प्रश्न किया था। उत्तर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रमोद कुमार दे रहे थे। अंत में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने विभागीय मंत्री से कहा कि सर्पदंश से होने वाली मौतों की एवज में दिए जाने वाले मुआवजे की राशि के बारे में विचार करें।

प्रश्नकर्ता सदस्य का कहना था कि सांप को संरक्षित जीवों की श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी के अन्य जीवों के हमले में मारे जाने पर 10 लाख रुपये के मुआवजे का प्रविधान किया गया है, जबकि सर्पदंश से होने वाली मौतों को आपदा की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें केवल चार लाख रुपये का मुआवजा मिलता है। सर्पदंश से हर साल राज्य में काफी लोगों की मौत होती है।

घोड़परास का आखेट

भाजपा के रजनीश कुमार का प्रश्न था कि बेगूसराय जिला के तेघरा प्रखंड में घोड़परास आखेट क्यों नहीं हो रहा है। इससे किसानों की तबाही हो रही है। अबतक इस प्रखंड में 149 घोड़परास का आखेट किया गया है। आखेटकों को भुगतान नहीं मिल रहा है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया कि पूरे राज्य में 2411 घोड़परासों के आखेट की सूचना है। सभी जिलाधिकारियों के पास आखेटकों की सूची है। एक घोड़परास के आखेट के एवज में 12 सौ रुपये का भुगतान किया जाता है। इसके अलावा, पंचायत की ओर से घोड़परास के शव को दफनान के लिए सात सौ रुपये का प्रविधान है।

जदयू के शुभानंद मुकेश को उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य सरकार भागलपुर से सटी झारखंड की सीमा पर शराब की तस्करी रोकने की व्यवस्था करेगी।

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