बठिंडा में अवैध पीजी पर पुलिस का शिकंजा, दो मालिकों पर केस दर्ज

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शहर में बिना अनुमति और नियमों की धज्जियां उड़ाकर चल रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) के खिलाफ अब पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। गैरकानूनी तरीके से पीजी चलाकर सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले मालिकों पर शिकंजा कसने की शुरुआत हो चुकी है।

हाल ही में पुलिस ने दो ऐसे पीजी मालिकों के खिलाफ केस दर्ज कर यह साफ संदेश दे दिया है कि अब कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे पीजी न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि शहर की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। पीजी चलाने वाले कई लोग जिला प्रशासन के आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अजीत रोड बठिंडा और ग्रीन होटल वाली गली में कुछ व्यक्ति बिना लाइसेंस और बिना रजिस्ट्रेशन के पीजी चला रहे हैं। इन पीजी में रहने वाले लोगों का पुलिस सांझ केंद्र से वेरिफिकेशन भी नहीं कराया जा रहा था। इसके बाद थाना सिविल लाइन की पुलिस ने एएसआई सुखमंदर सिंह के नेतृत्व में अजीत रोड स्थित सिद्धू पीजी में छापेमारी की।

इस दौरान पीजी चला रहा जगसीर सिंह पुत्र रूप सिंह निवासी यात्री इस संबंध में कोई मंजूरी या रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा सका। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

इसी तरह थाना कैंट बठिंडा की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्रीन होटल वाली गली में चल रहे जी क्लास होटल कम पीजी में छापा मारा। यह पीजी भी बिना किसी सरकारी अनुमति के चल रहा था। यहां भी रहने वालों का संबंधित थाने और पुलिस सांझ केंद्र से वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था।

इस तरह आरोपी ने जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों का उल्लंघन किया। थाना कैंट के सहायक थानेदार गुरप्रीत सिंह ने बताया कि आरोपी गुरविंदर सिंह पुत्र हरदीप सिंह निवासी गांव हरनाम सिंह वाला को गिरफ्तार करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया है।

पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि शहर में दर्जनों पीजी बिना किसी अनुमति, रजिस्ट्रेशन और नियमों के खुलेआम चल रहे हैं। ये मालिक न तो नगर निगम से मंजूरी लेते हैं और न ही टैक्स अदा करते हैं। नतीजतन सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है, जबकि पीजी मालिक मनमानी कमाई कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बिना मंजूरी चल रहे पीजी न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा बने हुए हैं।

कई पीजी में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, सीसीटीवी कैमरे और रहने वालों का कोई ढंग का रिकॉर्ड तक नहीं है। ऐसे हालात में शहर की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। दर्ज किए गए मामलों में सामने आया है कि पीजी मालिकों ने नियमों को जानबूझकर नजरअंदाज किया।

पुलिस ने इनके खिलाफ बिना रजिस्ट्रेशन पीजी चलाने, सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और सरकारी निर्देशों की अनदेखी के आरोपों में केस दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में अन्य पीजी मालिकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद अवैध पीजी चलाने वाले मालिकों में डर का माहौल है, जबकि शहरवासियों और अभिभावकों ने पुलिस की इस सख्ती का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि ऐसे पीजी आपराधिक तत्वों के लिए भी सुरक्षित ठिकाना बन सकते हैं, जिससे शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।

पुलिस ने पीजी में रहने वाले विद्यार्थियों और नौकरीपेशा युवाओं को चेतावनी दी है कि वे केवल पंजीकृत और स्वीकृत पीजी में ही रहें। किसी भी अवैध पीजी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि इस सख्ती से न केवल अवैध धंधों पर रोक लगेगी, बल्कि शहर की सुरक्षा और प्रशासनिक पकड़ भी मजबूत होगी।

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