मजनू का टीला क्षेत्र में यमुना नदी के खादर क्षेत्र में अवैध निर्माण होने के खिलाफ एक स्थानीय नागरिक द्वारा भेजे गए पत्र का नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने स्वत: संज्ञान लिया है। एनजीटी ने माना कि पत्र में पर्यावरणीय मानदंडों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है।
एनजीटी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम दिल्ली (एमसीडी), संबंधित जिला मजिस्ट्रेट, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) व दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को मामले में पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया।
एनजीटी ने जिलाधिकारी को अवैध निर्माण करने वालों को विवरण देने के साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या निर्माण यमुना खादर क्षेत्र में हुआ है। उक्त निर्देश के साथ मामले की सुनवाई 20 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी गई।


