कर्नलगंज के नकहाबसंत गांव में बालपुर चकसेनियां मार्ग पर स्थित प्राईमरी स्कूल व सड़क की साढ़े सात बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के मामले में तहसीलदार/ सहायक कलेक्टर ने 11 कब्जेदारों को बेदखल करते हुए छतिपूर्ति व निष्पादन व्यय का आदेश दिया था, लेकिन ग्यारहवें महीने में भी तहसील प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है और कब्जा बरकरार है।
जहां शासन प्रशासन सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा व अतिक्रमण हटाने का सख्त निर्देश दे रही है वहीं परगना पहाड़ापुर के नकहाबसंत गांव में हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक ने एक आख्या प्रस्तुत की थी कि गाटा संख्या 133/ 0.5750 हेक्टेयर स्थित है।जिसमें 0.012 हेक्टेयर भूमि सड़क व सरकारी स्कूल की जमीन है।
इसी जमीन पर गांव के ही निवासी अनूप कुमार पांडेय, कालीचरण, कृष्ण कुमार, ननकू, रामधीरज ,राम प्रकाश, परशुराम, राम अवतार, ननके, भिखारी प्रसाद,परशुराम ने अवैध रूप से काफी समय पहले कब्जा कर रखा है।
राजस्व कर्मियों की इसी रिपोर्ट पर तहसीलदार /सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी ने तीन अप्रैल 2025 को एक आदेश दिया था कि तत्काल प्रभाव से सभी 11 अवैध कब्जेदारों को नोटिस देकर जमीन खाली करने के साथ ही छतिपूर्ति स्वरूप 33600 रुपये व निष्पादन व्यय के लिए 2000 प्रति व्यक्ति की वसूली कार्यवाही का आदेश दिया गया था।
लेकिन दसवा माह लग चुका है फिर भी आज तक न तो कबजेदारी हटी है और न ही जुर्माना अदा किया गया है। इस संबंध में हल्का लेखपाल राजकुमार यादव ने बताया कि कब्जदारों को केवल तीन माह का समय दिया गया था जो पूरा हो गया है।
इसकी उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई.है। उप जिलाधिकारी नेहा मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में है,अभीतक एसआईआर में अधिकारी कर्मचारी व्यस्त थे। राजस्व निरीक्षक को तत्काल कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है


