बिहार विधानपरिषद में बजट सत्र के दौरान सोमवार को उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब विधि-व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
राजद के विधान पार्षदों ने सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बीच पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
हंगामे के दौरान राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर दी, जिससे सदन का माहौल और तनावपूर्ण हो गया। नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें बोलने का कोई हक नहीं। अपनी सरकार में कुछ किया क्या।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है।
रोहिणी ने बोला तीखा हमला
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री की भाषा और आचरण पर सवाल खड़े किए। रोहिणी आचार्य ने लिखा कि मुख्यमंत्री के लिए अब संसदीय भाषाई मर्यादा लांघना एक आदत बन चुकी है।
उनका आरोप है कि नीतीश कुमार ने कई बार सदन और सार्वजनिक मंचों से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है, विशेषकर महिलाओं के संदर्भ में।
रोहिणी ने आगे कहा कि जब किसी के पास तर्क और तथ्य नहीं बचते, तब वह भाषा की सीमा पार कर अपनी खीज और वैचारिक खोखलेपन को उजागर करता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के पिछले कुछ वर्षों के बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उनके वक्तव्यों से महिलाओं के प्रति मानसिक और वैचारिक कुंठा झलकती है।
रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि महिला सम्मान को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा दिए जाने वाले बयान केवल राजनीतिक और चुनावी दिखावे तक सीमित हैं।
इस बयानबाजी के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्ष ने जहां मुख्यमंत्री की कार्यशैली और भाषा पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक हमला बताकर पलटवार कर रहा है।


