बॉलीवुड के चर्चित निर्देशक अनुभव सिन्हा शुक्रवार को जमशेदपुर पहुंचे। शहर प्रवास के दौरान उन्होंने गोलमुरी में मीडिया से बातचीत में झारखंड के अनुभवों को बेहद खास बताया।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर वैसा ही शहर है, जैसा इसके बारे में सुना था। साफ-सुथरा, व्यवस्थित और सुंदर। यहां आकर उन्हें न सिर्फ शहर बल्कि इसकी संस्कृति और इतिहास को जानने-समझने का नया अवसर मिला।
अनुभव सिन्हा ने कहा कि सिद्धों-कान्हू के बारे में उन्होंने पहली बार यहीं सुना और अब वे उनके संघर्ष और योगदान के बारे में विस्तार से पढ़ना चाहते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इनके बारे में जान सकें।
इसी तरह भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और आंदोलन को भी वे गहराई से समझने की कोशिश करेंगे। उनका मानना है कि झारखंड की धरती ने देश को ऐसे नायक दिए हैं, जिनकी कहानियां राष्ट्रीय स्तर पर सामने आनी चाहिए।
आदिवासी खान-पान से हुआ परिचय
झारखंड प्रवास के दौरान उन्होंने आदिवासी खान-पान और जीवनशैली को भी करीब से देखा। हड़िया पीने का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआत में इसका स्वाद थोड़ा अलग लगा, लेकिन यही इसकी पहचान है, जिसे यहां के लोग पसंद करते हैं। डूसका का स्वाद भी उन्हें अच्छा लगा।


