उत्तराखंड में बुजुर्ग मरीजों को अब मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए अस्पताल आने-जाने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने समाज कल्याण विभाग के जरिए एक मानवीय पहल की शुरुआत की है।
इस योजना के तहत ऑपरेशन की तिथि तय होने के बाद विभाग सीधे बुजुर्ग मरीजों से संपर्क करेगा और उन्हें अस्पताल तक लाने तथा वापस घर छोड़ने के लिए मुफ्त वाहन सुविधा उपलब्ध कराएगा। योजना की शुरुआत हो चुकी है और अब तक 15 से अधिक बुजुर्ग इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं।
मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए पहले बुजुर्गों को सार्वजनिक परिवहन का सहारा लेना पड़ता था। सीमित आय, शारीरिक कमजोरी और सहारे की कमी के कारण कई बार वे उपचार टाल देते थे। इसे ध्यान में रखते हुए शासन ने जिला समाज कल्याण विभाग को तीन लाख रुपये का बजट जारी किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बुजुर्गों के लिए राहत भरी साबित होगी और उन्हें समय पर उपचार मिल सकेगा। साथ ही, यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और संवेदनशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।


