कैंसर को अक्सर बुजुर्गों की बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में डॉक्टरों ने एक चिंताजनक बदलाव देखा है। 40 साल से कम उम्र की महिलाओं में कैंसर के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं।
हालांकि इस आयु वर्ग में बुजुर्गों की तुलना में जोखिम अभी भी कम है, लेकिन यह बदलता ट्रेंड स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
कैंसर के खतरे को कम करने के लिए इसके पीछे के कारणों को समझना बेहद जरूरी है। समय रहते बीमारी की पहचान और इलाज करने से गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।
इस संबंध में डॉ. एस.एम. शोएब ज़ैदी, प्रिंसिपल डायरेक्टर और यूनिट हेड – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा, ने विस्तार से बताया कि कौन से जोखिम कारक 40 साल से कम उम्र की महिलाओं में कैंसर बढ़ा रहे हैं और किस तरह नियमित स्क्रीनिंग और जीवनशैली में बदलाव से इस खतरे को कम किया जा सकता है।


