जम्मू-कश्मीर में कुष्ठ रोग नियंत्रण अभियान का असर, तीन साल से बच्चों में नया मामला नहीं
जम्मू-कश्मीर में कुष्ठ रोग को समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों का असर अब दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदेश में हर वर्ष लगभग सौ नए मामले दर्ज हो रहे हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि पिछले तीन वर्षों से किसी भी बच्चे में कुष्ठ रोग का नया मामला सामने नहीं आया है।
कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु के कारण होता है। यह बीमारी लंबे समय तक बनी रह सकती है और कई बार बार-बार होती है। गंभीर स्थिति में यह रोग दिव्यांगता तक का कारण बन सकता है।
देश के अन्य हिस्सों की तरह ही जम्मू-कश्मीर में भी पहले कुष्ठ रोग के काफी मामले सामने आते थे। लेकिन लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियान, समय पर इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के कारण अब इन मामलों में कमी आई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में नए मामलों का न आना इस बात का संकेत है कि रोग नियंत्रण की दिशा में प्रदेश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालांकि, वयस्कों में अभी भी नए मामले दर्ज हो रहे हैं, इसलिए सतत निगरानी और उपचार की आवश्यकता बनी हुई है।


