दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में चिकित्सकों की बहु-विभागीय टीम ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में लगभग सात घंटे चली मैराथन सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने मरीज के शरीर से तीन किलोग्राम वजन का कोंड्रोसारकोमा सफलतापूर्वक निकाल दिया।
अस्पताल प्रबंधन ने इसे सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता और विशेषज्ञता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। कोंड्रोसारकोमा उपास्थि (कार्टिलेज) से उत्पन्न होने वाला एक दुर्लभ कैंसर है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है और आकार बड़ा होने पर नसों व आसपास के अंगों पर गंभीर दबाव डालने लगता है। इस मरीज के मामले में ट्यूमर का आकार और वजन सर्जरी को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहा।
सर्जिकल टीम की भूमिका
इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व प्रो. लोवनीश बैन्स ने किया। उनके साथ डाॅ. मेघा (सीनियर रेजीडेंट) और डाॅ. सौकात (पोस्टग्रेजुएट) शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डाॅ. सोनिया, डाॅ. फरहा और डाॅ. श्रेधा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेडियोलॉजी विभाग से डाॅ. स्वाति गुप्ता ने सटीक जांच और पूर्व-योजना में सहयोग दिया।
हड्डी और संरचना से जुड़ी जटिलताओं को देखते हुए आर्थोपेडिक्स टीम भी इस प्रक्रिया में शामिल रही। इसमें डाॅ. केशवे, सीनियर रेजीडेंट्स डाॅ. बाबर और डाॅ. वरुण तथा अन्य ऑर्थोपेडिक पोस्टग्रेजुएट्स ने योगदान दिया।
मरीज की स्थिति
अस्पताल ने बताया कि मरीज की हालत स्थिर है और वह तेजी से रिकवरी कर रहा है। परिजनों ने सफल सर्जरी पर खुशी व्यक्त की और डॉक्टरों का आभार जताया।


