महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन पर रोक की मांग खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा– अदालत का अधिकार नहीं
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन पर रोक लगाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी मंदिर में वीआईपी दर्शन होंगे या नहीं, इसका निर्णय अदालत नहीं कर सकती। न्यायालय ने कहा कि इस तरह की याचिकाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
3 जजों की बेंच ने सुनाया फैसला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। जस्टिस महादेवन और जस्टिस जॉयमाला बागची भी इस बेंच का हिस्सा थे।
याचिकाकर्ता दर्पण अवस्थी ने इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी, जिसमें वीआईपी दर्शन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने भी उस याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जहां अब अंतिम रूप से याचिका खारिज कर दी गई है।


