कोलकाता के आनंदपुर नाजिराबाद में 26 जनवरी को मोमो बनाने की इकाई और दो गोदामों में लगी भीषण आग में मारे गए लोगों की डीएनए के जरिए पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
घटना स्थल से 17 और शव बरामद किए गए हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी भी 28 लोग लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या में और वृद्धि की संभावना है।
आग पर नियंत्रण पाने में राहत और बचाव दल को दूसरे दिन सफलता मिली थी। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि गोदामों और मोमो यूनिट में फैली आग ने कई संरचनाओं को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
पश्चिम बंगाल सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए दस लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। इसके अलावा, मोमो कंपनी की ओर से भी प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि डीएनए टेस्ट के बाद ही मृतकों की सही पहचान हो सकेगी और उसके बाद ही परिजनों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाएगी। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, और स्थानीय प्रशासन घटनास्थल पर पूरी निगरानी बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हादसे ने सुरक्षा नियमों और गोदाम संचालन के मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। प्रशासन ने आग और सुरक्षा से जुड़ी जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।


