पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में गुरुवार को एक बार फिर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल का मुख्य सर्वर अचानक बंद हो गया, जिसके चलते ए, बी और सी ब्लॉक में ओपीडी कार्ड नहीं बन पाए। सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई लोग बिना पर्ची के ही लौटने को मजबूर हो गए।
मरीजों की परेशानी
सुबह-सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को उम्मीद थी कि उन्हें सामान्य प्रक्रिया के तहत पर्ची मिल जाएगी और वे डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे। लेकिन सर्वर ठप होने के कारण ओपीडी कार्ड नहीं बन पाए। कई मरीजों ने बताया कि वे लंबे समय से लाइन में खड़े रहे, लेकिन सिस्टम चालू न होने के कारण उन्हें वापस जाना पड़ा। कुछ मरीजों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह समस्या बार-बार सामने आती है और प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
चोरी की घटना से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार, इस बार सर्वर ठप होने की वजह सर्वर रूम में रखी यूपीएस बैटरियों से जुड़ी चोरी की घटना है। बैटरियों की चोरी के कारण सर्वर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और पूरा सिस्टम ठप हो गया। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही बैटरियों को बदलकर सर्वर को पुनः चालू किया जाएगा।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सर्वर ठप होने की वजह से ओपीडी सेवाओं पर असर पड़ा है। हालांकि, डॉक्टरों ने मरीजों को बिना पर्ची के भी देखने की कोशिश की, लेकिन बड़ी संख्या में मरीजों के कारण यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं रही। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सर्वर रूम जैसी संवेदनशील जगह पर चोरी होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और सर्वर रूम जैसी जगहों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बार-बार की समस्या
यह पहली बार नहीं है जब सिविल अस्पताल का सर्वर ठप हुआ हो। इससे पहले भी कई बार तकनीकी खराबी या बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। हर बार प्रशासन आश्वासन देता है, लेकिन समस्या दोहराई जाती है। इस बार चोरी की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
मरीजों की मांग
मरीजों और उनके परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न हो। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले लोग पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे होते हैं, ऐसे में उन्हें तकनीकी खराबी या प्रशासनिक लापरवाही के कारण अतिरिक्त परेशानी नहीं झेलनी चाहिए।
निष्कर्ष
पंचकूला सिविल अस्पताल में सर्वर ठप होने की घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। यूपीएस बैटरियों की चोरी जैसी घटना न केवल तकनीकी व्यवस्था को प्रभावित करती है, बल्कि मरीजों के विश्वास को भी हिलाती है। प्रशासन को चाहिए कि वह सुरक्षा और तकनीकी ढांचे को मजबूत करे ताकि मरीजों को बिना किसी बाधा के स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।


